दिलदारनगर (गाजीपुर)।
फसलों को संजीवनी देने वाली नहरें ही उनके लिए अभिशाप साबित हो रही हैं। जमानिया गंगा नदी से निकली चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की छोटी नहर गुरुवार को निरहू का पुरा एवं कुशी गांव के पास ओवरफ्लो हो गई। इससे करीब 40 किसानों के लगभग 40 बीघा गेहूं के खेत जलमग्न हो गए। आनन-फानन में मिट्टी और घासफूस डालकर किसानों ने पानी को रोका। पानी से फसल के चौपट होने की आशंका को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच गई।
इस समय फसल को पानी की जरूरत होने की वजह से चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल में पूरी क्षमता से विभाग की तरफ से पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे निरहू का पुरा और कुशी गांव के पास नहर ओवरफ्लो हो गई। इससे नहर के आसपास के खेतों में पानी घुसने लगा। कुछ ही देर में कुशी में करीब 10 और निरहू का पुरा में लगभग 30 किसानों के खेतों में पानी घुस गया। पानी घुसने की जानकारी होते ही किसानों में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे किसानों ने आनन-फानन में अथक प्रयास कर मिट्टी, पुआल और घासफूस डालकर पानी को रोका। किसान विनोद कुमार, अदालत, रामाशीष, रामदुलार, हीरा, ज्योति, मुश्ताक खां, प्रेम, रामअवतार, शारदा, विरेंदर, टिंकू आदि किसानों ने बताया है कि नहर के ओवरफ्लो होने के कारण पानी से लगभग 40 बीघा रबी की फसल जलमग्न होने से काफी क्षति होने का अनुमान है। किसान इस बात से चिंतित रहे कि कहीं रात में नहर ओवलफ्लो हुई तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी और खाने के लाले पड़ जाएंगे। इस संबंध में सहायक अभियंता देवकली फूलचंद मौर्या ने कहा कि मांग के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है। पैरापेट (मेढ़ी) को लोग भैंस नहाने के लिए ले जाने, वाहनों की धुलाई करने सहित अन्य कार्यों की वजह से क्षतिग्रस्त कर दे रहे हैं। इससे पानी ओवरफ्लो होने लग रहा है। यह समस्या उन्हीं स्थानों पर उत्पन्न हो सकती है, जहां लोगों ने मेढ़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया। अगर पानी की रफ्तार धीमी होगी तो उसिया, गोड़सरा, भदौरा, गहमर, धनाड़ी, अरंगी, खजुरी गांव में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाएगा। इससे किसानों को सिंचाई में परेशानी होगी। नहर टूटने पर मुआवजा का प्रावधान है लेकिन ओवरफ्लो पर नहीं। मालूम हो कि तीन दिन पहले थाना के पास यही नहर पानी के दबाव से टूट गई थी। इससे करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी।