बारा। गहमर थाने के हरिकरनपुर गांव में बुधवार की रात द्वारपूजा का कार्यक्रम चल रहा था। इस बीच पटाखे की चिंगारी से एक झोपड़ी आग की भेंट चढ़ गई। देखते ही देखते उसी परिवार की पांच रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इसकी जद में आने से भैंस और पड़िया के झुलसने के साथ ही घर में रखे 10 हजार नकदी के साथ सब कुछ जलकर राख हो गया।
गहमर थाना क्षेत्र के हरकरनपुर गांव में बुधवार की रात बिहार के डुमराव से बरात आई थी। द्वारपूजा का कार्यक्रम चल रहा था। बरात में आए लोग पटाखा छोड़ रहे थे। पटाखे की एक चिंगारी सुदर्शन बिंद की एक झोपड़ी पर गिरी। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पांच झोपड़ियां धू-धूूकर जलने लगी। झोपड़ी में बंधी एक भैंस भी बुरी तरह झुलस गई। झोपड़ियों में रखा घरेलू सामान गेहूं, चावल, कपड़ा, जेवरात, साइकिल, सिलाई मशीन आग की भेंट चढ़ गई। झोपड़ी में रखे 10 हजार रुपये नकद भी जल गए। आग की लपटें देख हरकरनपुर गांव के लोग पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गए हैं। ग्रामीणों के अथक परिश्रम के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया गया। गुरुवार को राजस्व की टीम पहुंची और आग से हुई क्षति का रिपोर्ट तैयार किया। गांव वालों ने पीड़ित परिवार को तहसील प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।