मुख्य नायक मजिस्ट्रेट स्वप्न आनंद की अदालत ने वादी की अर्जी को स्वीकार करते हुए गहमर थाना कोतवाली में नियुक्त पुलिस कर्मी राकेश पाल पर हत्या का मामला दर्जकर विवेचना क्षेत्राधिकारी अथवा उसे वरिष्ठ स्तर के अधिकारी द्वारा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के मुताबिक वादी राज किशोर सिंह ने धारा 156/3 के तहत न्यायालय में अर्जी देकर बताया कि उनका पुत्र विकास सिंह उर्फ गोलू ने घर पर बताया कि राकेश पाल ने उसे बुलाया है। बीते चार फरवरी की शाम चार बजे बाइक लेकर चला गया। राकेश पाल गहमर थाने में कांस्टेबल है। राकेश पाल वादी के पुत्र को अपने विश्वास ले लिया और कहा कि पुलिस में नौकरी दिलवा देगा। उसकी ऐसे लोगों से जान पहचान है।
नौकरी के लिए पांच लाख की मांग की। राज किशोर सिंह ने पुत्र को मंदिर के चढ़ावा का 500000 जमा करने के लिए दिया था, जिसे वह राकेश पाल को दे दिया था। बीते 18 जनवरी को राज किशोरी सिंह ने बैंक जाकर पता किया तो पता चला कि खाते में रुपये जमा नहीं है। तब उन्होंने पुत्र से पूछताछ की तो कांस्टेबल को पैसा देने की जानकारी हुई। पुत्र विकास जब राकेश पाल से रुपये मांगने गया तो उसने कहा की रुपये जिसको देना था दे दिया गया है। वापस मांगने में 15 -20 दिन का समय लगेगा।