गाजीपुर। प्रदेश के संसदीय कार्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शनिवार को जिले में बन रहे राजकीय मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। उन्होंने बोर्ड पर लगाए गए भवन के नक्शे को गहनता से देखा तथा उसके हिसाब से भवन निर्माण के प्रगति की जानकारी ली। परिसर में घूमकर अलग-अलग बन रहे, भवनों को भी देखा। कहा कि निर्धारित समय के भीतर इस कालेज को तैयार कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए अगर आवश्यक हो तो लेबर, मिस्त्री आदि की संख्या बढ़ा दिया जाए।
करीब एक बजे मंत्री जी आरटीआई मैदान के पास बन रहे मेडिकल कालेज के परिसर में पहुंचे। इसके बाद वह सीधे बिल्डिंग का नक्शा चस्पा किए गए बोर्ड के पास पहुंचे। वहां कार्यदायी संस्था के मैनेजर ने बिंदुवार निर्माण तथा प्रगति की जानकारी ली। बताया कि इस समय प्रशासनिक तथा एकेडमिक भवन के निर्माण का काम जोर- शोर से चल रहा है। छात्र, छात्राओं के लिए छात्रावास भी निर्माणाधीन है। जिला अस्पताल के पास तीन सौ शैय्या का एक अस्पताल बनाया जा रहा है जहां मरीजों को देखा जाएगा। दोनों अस्पतालों को मिला कर अस्पताल की क्षमता पांच सौ बेड की हो जाएगी। इसके बाद मंत्री जी परिसर में बन रहे अलग- अलग भवनों को घूमा। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्र गति थोड़ी धीमी है। 225 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कालेज को जनवरी 2021 तक पूरा कर दिया जाना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और अगर आवश्यकता पड़े तो लेबर और मिस्त्री की संख्या बढ़ा लिया गया। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य, पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश गुप्ता, सीएमओ डा. जीसी मौर्या, विधायक संगीता बलवंत, विधायक सुनीता सिंह, विनोद कुमार अग्रवाल, कृष्ण बिहारी राय, विवेक पांडेय आदि मौजूद रहे।
जल्द दूर होगी चिकित्सकों की कमी- सुरेश कुमार खन्ना
गाजीपुर। समय से गाजीपुर के मेडिकल कालेज का निर्माण पूरा कर लिया जाय इसके लिए मैंने लेबर बढ़ाने का निर्देश दिया है। प्रदेश सरकार चिकित्सा की सुविधाओं को हर क्षेत्र में बढ़ाने का प्रयास कर रही है। कोरोना वायरस से हमारी लड़ाई चल रही है। प्रधनमंत्री के जनता कर्फ्यू की अपील का सभी को पालन करना चाहिए। उक्त बातें चिकित्सा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्माणाधीन मेडिकल कालेज के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
जिला अस्पताल समेत पूरे जनपद में चिकित्सकों की कमी के सवाल पर उन्होंने गोल- मोल जबाब दिया। कहा कि सन 1947 से 2017 तक की गैर भाजपा सरकारें ही चिकित्सकों की कमी की जिम्मेदार है। चिकित्सकों की कमी को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि पूरे देश में कोराना का कहर फैला हुआ है। इससे बचाव के लिए मास्क पहने तथा बार- बार हाथ धोएं।