सुहवल। गंगा नदी पर बन रहे डबल लेन व्हीकल फ्लाईओवर परियोजना को गति मिली है। बुधवार को मेदनीपुर की ओर छह महीने से रूका पड़ा एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पाइलिंग का कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य किसानों की पत्रावलियों, भूमि संबंधी तकनीकी अड़चनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण लंबे समय से बाधित था।
फ्लाईओवर के दूसरे के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य करीब छह माह पूर्व ही शुरू हो चुका था। निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा, तो मार्च 2027 तक एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद यह फ्लाईओवर आमजन के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। यह परियोजना गाजीपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
फ्लाईओवर की लंंबाई तीन किलोमीटर से अधिक है, जो कुल 67 पिलरों और लगभग 50 एक्सपेंशन ज्वाइंट्स पर आधारित होगा। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार दोनों ओर के एप्रोच मार्ग के लिए कुल 24 पिलरों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें पी-टू साइड पर 21 और पी- वन साइड पर तीन पिलर बनाने है।
एप्रोच मार्ग निर्माण की कुल लागत लगभग 52 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इस परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 2024 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) को भेजा गया था, जिसे वर्ष 2025 में स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय सिंह ने बताया कि पी- वन साइड की ओर की सभी तकनीकी समस्याएं दूर कर ली गई हैं। निर्माण शुरू कर दिया गया है।