गाजीपुर। पशु के टैग नंबर में एक अंक की लिपिकीय गलती के आधार पर बीमा क्लेम खारिज करना यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए मृत भैंस का 40 हजार रुपये का बीमा धन देने का आदेश दिया है।
आयोग ने परिवाद दाखिल करने की तिथि से सात प्रतिशत साधारण ब्याज समेत यह राशि दो माह के भीतर भुगतान करने को कहा है। इसके अलावा मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए पांच हजार और वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये देने का भी निर्देश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव, सामान्य सदस्य रणविजय मिश्र और महिला सदस्य दीपा रानी की बेंच ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और तर्कों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी की कार्रवाई को गलत माना।
आयोग ने कहा कि पॉलिसी शेड्यूल में टैग नंबर के साथ आया अतिरिक्त अंक क्लैरिकल या रिकॉर्डिंग विसंगति हो सकता है। केवल इस आधार पर वास्तविक पीड़ित का वैध बीमा क्लेम खारिज नहीं किया जा सकता।