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Ghazipur News: ई रिक्शा से कलर कोड गायब, 16 महीने में 60% मामले सामने आए

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शहर के सिटी रेलवे स्टेशन के गेट पर खड़े बिना कोडिंग के ई-रिक्शें। संवाद
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गाजीपुर। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 16 माह पहले ई-रिक्शा संचालन के लिए चार ब्लॉकों में रूट तय करने के साथ ही नंबर व कलर कोडिंग की व्यवस्था हुई थी। स्थिति यह है कि 60 प्रतिशत ई- रिक्शा से कोडिंग गायब हो चुकी है।
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विकास भवन, सिंचाई विभाग चौराहा, महुआबाग, रौजा, विशेश्वरगंज, लंका, कचहरी, टाउन हॉल, सिटी रेलवे स्टेशन, नखास और गोराबाजार में जाम से आए दिन लोग परेशान हो रहे हैं।
यातायात विभाग की ओर एक अप्रैल 2025 को अभियान चलाकर 1618 ई-रिक्शा का सत्यापन किया था। इसके बाद कोडिंग (नंबरिंग) पूरी की गई थी। नगर क्षेत्र को चार रंगीन ब्लॉकों लाल, नीला, हरा, पीला में बांटकर रूट निर्धारित किया गया था।
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इसका पालन नहीं किया गया। वहीं रौजा तिराहे के दोनों तरफ सड़क की पटरियों पर सुबह आठ बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। इन स्थानों पर पुलिस पिकेट होने के साथ ही यातायात कर्मियों की तैनाती रहती है, लेकिन वह बिना हेलमेट और तीन सवारियों का चालान ही काटने में परेशान रहते हैं। यहीं हाल लंका बस स्टैंड के पास है।
सुबह छह बजे से लेकर रात के आठ बजे तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है, यहां तैनात यातायात कर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान सिर्फ कोरमपूर्ति करते दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है।

शहर के सिटी रेलवे स्टेशन के गेट पर खड़े बिना कोडिंग के ई-रिक्शें। संवाद

शहर के सिटी रेलवे स्टेशन के गेट पर खड़े बिना कोडिंग के ई-रिक्शें। संवाद

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