जनप्रतिनिधियों की हत्या और दंगा कराने वाले लोगों का हिसाब हो रहा है। कहा कि जन सामान्य सुरक्षा के साथ ही हर स्वास्थ्य केंद्र पर प्रधानमंत्री आरोग्य संस्थान स्थापना कराई गई है। कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं की शादी की व्यवस्था सरकार करा रही है।
उन्होंने सभा में आई भीड़ का ध्यान आगामी विधानसभा चुनाव की ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि यदि सैदपुर में भी भाजपा का विधायक होता तो इस क्षेत्र का बहुमुखी विकास होता। कहा कि हमारी सरकार विकास का प्लान बनाती है तो विपक्षी विकास में रोड़ा अटकाते हैं। सरकार के एजेंडे में 2017 से 2022 तक कुल 30 मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान बनाया गया है।
यह भी पढ़ें- पूर्णिमा का श्राद्ध आज: काशी में पिशाचमोचन कुंड से लेकर गंगा तट तक होंगे पितृपक्ष के तर्पण, जानें सब कुछ
उन्होंने कहा कि गाजीपुर जिले का नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज अंतिम चरण में है। इसका नामकरण महर्षि विश्वामित्र के नाम पर होगा। इससे गाजीपुर के अतीत को जोड़ा जाएगा जो उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ भारतीय पहचान को याद दिलाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चर्चा करते हुए कहा कि यह पूर्वांचल के लोगों के लिए एक उपलब्धि होगी। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बनाए गए इस हाईवे से लोग अब साढ़े तीन घंटे में लखनऊ की दूरी तय कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री निर्धारित समय सुबह 10.55 बजे के बजाए करीब एक घंटे की देरी से दोपहर 12.04 बजे कार्यक्रम स्थल सैदपुर के टाउन नेशनल इंटर कॉलेज पहुंचे। अपने आधे घंटे के संबोधन में उन्होंने प्रदेश सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियों और विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी।
कहा कि रामायण काल में भी गाजीपुर जनपद की चर्चा हुई है। राजा गाधि के पुत्र महर्षि विश्वामित्र ने यज्ञ में राक्षसों का विघ्न खत्म कराने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांग लिया था। इसके बाद लोक कल्याण के लिए यज्ञ को सफल करवाया। इस दौरान मारीच और सुबाहु जैसे राक्षसों का वध कराकर धर्म का राज स्थापित किया।
कहा कि गाजीपुर में भी माफिया और अराजकतत्वों ने कब्जा जमा लिया था। प्रदेश सरकार ने इन्हें नेस्तनाबूद करने में लगी है। कहा कि इन माफिया के चलते गाजीपुर के युवा बदनाम हो गए थे। उन्हें बड़े शहरों के होटलों और धर्मशालाओं में जगह नहीं मिलती थी। पहचान का संकट उत्पन्न हो गया था। अब परिस्थितियां बदली हैं और युवाओं को सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जनपद में मेडिकल कॉलेज का काम अंतिम चरण में है। इसका नामकरण महर्षि विश्वामित्र के नाम पर होगा। इससे गाजीपुर के अतीत को जोड़ा जाएगा, जो उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ भारतीय पहचान की याद दिलाएगा। कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूर्वांचल के लोगों के लिए उपलब्धि होगी। इससे लोग अब साढ़े तीन घंटे में लखनऊ की दूरी तय कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें- वाराणसी: बीएचयू अस्पताल में जुगाड़ से मरीजों का इलाज, टेलीफोन के तार में लटकाकर मरीज को चढ़ा दी आईवी की बॉटल