औड़िहार। कारोबार के क्षेत्र में कपड़े का झोला रोजगार देने का नया माध्यम बन रहा है। बाजार में एक से 5.25 रुपये प्रति पीस कपड़े का झोला बिक रहा है। पर्यावरण के प्रति जागरूकता के कारण दुकानदार व ग्राहक दोनों अब प्लास्टिक के बजाए कपड़े के झोले का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके कारण बीते कुछ दिनों में कपड़े के झोले का इस्तेमाल बढ़ा है।
सैदपुर के कपड़े के झोले के व्यवसायी मयंक राज और सुरेश कुमार ने बताया कि एक समय दुकानों पर प्लास्टिक की भरमार थी। लेकिन, अब यह बहुत गुजरे जमाने की बात हो गई है। इसके कारण विकल्प के रूप में दुकानदार कपड़े का झोले रख रहे हैं। ग्राहक भी सहजता से इसको स्वीकार कर रहे हैं। इसके कारण इसकी बिक्री बढ़ी है। प्रतिदिन दो हजार कपड़े के झोले की बिक्री हो रही है। संवाद