पति रामप्रवेश की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज के आपात कक्ष में रोती बिलखती शांति देवी। स्रोत- पाठक
गाजीपुर। शहर कोतवाली के गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में बुधवार शाम करंट की चपेट में आने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामप्रवेश (50) की मौत हो गई। हादसा परिसर के मुख्य गेट के बगल में मलेरिया विभाग के पीछे लगे समर्सिबल के पास हुआ। कर्मचारी दाएं हाथ से समर्सिबल का गेट पकड़े हुए थे।
कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में सीएमओ कार्यालय में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मरदह क्षेत्र के कंसहरी भवानीपुर निवासी रामप्रवेश सीएमओ कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात थे। बुधवार शाम परिसर में मलेरिया विभाग के पीछे स्थित समर्सिबल के पास गए थे। वहां गंभीर रूप से झुलसे अचेत पड़े कर्मचारी रामप्रवेश को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में समर्सिबल के तार में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पास में लगे लोहे के बिजली के खंभे को टेस्टर से जांचा गया तो उसमें भी करंट मिला। कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्यरी में रखवा दिया गया है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई होगी।
शव देख बिलख पड़ी पत्नी और बेटा
गाजीपुर। घटना की जानकारी मिलते ही पहुंची मेडिकल काॅलेज अस्पताल के आपात कक्ष में पहुुंची पत्नी शांति देवी और बेटा अनिल पिता रामप्रवेश का शव देखकर बिलख पड़े। परिजनों की यह हालत देखकर वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों की आंख भर आई। पत्नी शांति देवी रोते- रोते भूमि पर गिर जा रही थीं। पत्नी शांति देवी के अलावा चार बेटे संजय, दीपक, सुनील और अनिल हैं। चारों पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे छोटे बेटे अनिल की शादी नहीं हुई है। रामप्रवेश की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।