गाजीपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा तैयारियों और पूर्ण चिकित्सकीय व्यवस्था से लैस होने का दावा कर रहा है। जबकि स्थिति यह है कि डॉक्टरों व दवाईयों की किल्लत तैयारियों पर ग्रहण लगा सकता है। महकमा ने दस डॉक्टरों के सहारे नवजातों को सुरक्षित रखने का इंतजाम किया है। ऐसे में अगर संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो स्थिति खराब होने की आशंका है।
जिले में दो माह तक कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने ऐसा ताडंव मचाया था कि प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या में जहां बढ़ोत्तरी हो रही थी। वहीं मौत के आंकड़ें में भी वृद्धि होने से स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलकर सामने आ गई थी। हालांकि जिलाधिकारी ने जब मोर्चा संभाला और जांच, दवा एवं वैक्सीनेशन को लेकर अभियान छेड़ा। तब जाकर संक्रमण में गिरावट आई थी। ऐसे में संभावित तीसरी लहर को लेकर शासन के निर्देश पर तैयारियां शुरू कर दी गई। जिला और महिला अस्पताल में खासकर बच्चों के लिए 40 बेड आईसीयू, 20 बेड एचडीयू एवं 40 बेड आइसोलेशन के लिए सुरक्षित किया गया। वहीं बच्चों के दस डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने की सूची भी तैयार की गई। वहीं दवा एवं अन्य सुविधाओं से लैस करने का दावा किया गया। जबकि स्थिति तो यह है कि सामान्य मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए जिला महिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी पर एंटीबोयोटिक एवं अन्य जीवन रक्षक दवाईयों की कमी बनी हुई है। ऐसे में तीसरी लहर से महकमा कैसे निपटेगा यह समझ से परे हैं।
इनसेट
अब तक स्थापित नहीं हो सका ऑक्सीजन प्लांट
गाजीपुर। तीसरी लहर को लेकर दो से तीन सप्ताह का ही समय शेष बताया जा रहा है। ऐसे में अब तक सैदपुर, मुहम्मदाबाद, मनिहारी, भदौरा, जिला महिला अस्पताल और बरूईन में अब तक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हो सका है। जबकि सिर्फ जिला अस्पताल में एक ही ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर से निपटने का दावा फ्लाप होता दिख रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल में संचालित है। अन्य जगहों पर भी जल्द ही प्लांट स्थापित हो जाएगा। दवाईयों की उपलब्धता को लेकर पर्चेज किया जा रहा है। तीसरी लहर से निपटने के लिए महकमा तैयार है।- डा. उमेश कुमार, एसीएमओ
बच्चों के दस डॉक्टर उपलब्ध है। दवाईयां मगाई जा रही है। बच्चों के लिए वार्ड बनकर तैयार है।- डा. राजेश सिंह, सीएमएस