कोरोना संक्रमण के संभावित चौथी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। नवजात और बच्चों के लिए पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) और नीकू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) सेंटर तैयार है। इन वार्डों में बीमारी से बच्चों को तनावमुक्त करने के लिए दीवारों पर कार्टून बनाए गए है और गैलरी में कार्टून के पोस्टर चस्पा करने की तैयारी चल रही है। इससे संक्रमित बच्चों के इलाज के दौरान कार्टून देखकर खेल सकते हैं।
जनपद में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं है, लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर तैयारी शुरू हो गयी है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के बढ़ते आंकड़े एवं शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) और नीकू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) को पूरी तरह तैयार कर दिया गया। विशेषज्ञ चिकित्सक अलर्ट है और उपकरणों को दुरुस्त कर दिया गया। सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि तीन बाल रोग विशेषज्ञ की पीकू ओर नीकू सेंटर की जिम्मेदारी रहेगी। वैसे अभी जिले में किसी तरह की दिक्कत नहीं है, लेकिन सेंटर हमारा पूरी तरह तैयार है। बच्चों को बीमारी के तनाव से मुक्त रखने के लिए कार्टूनों के पोस्टर वार्ड में बना दिए गये है। गैलरी से लेकर कार्टून के पोस्टर चस्पा कराया जाएगा। वहीं पीने का शुद्ध पानी के लिए आरो लगाया गया। कोरोना के संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।