। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय का 44वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया। इस दौरान छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
रेंजर जयति जैन एवं इशिता जायसवाल ने मोहक नृत्य प्रस्तुत किया। अंजलि, कंचन एवं स्नेहा ने महाविद्यालय का कुलगीत जबकि रेंजर सौम्या मिश्र, अनन्या वर्मा, हिबजा, इशिता, अनन्या, नाजिया बानो, अर्चना, अरीबा अंसारी, दामिनी, रेंजर शिवानी गुप्ता, संजना ने कविता पाठ किया। साथ ही अपने अनुभवों को साझा किया। विभिन्न विभागों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन स्टाफ क्लब की ओर से डॉ. शिवकुमार एवं डॉ. विकास सिंह के संयोजन में किया गया। प्राचार्य डॉ. सविता भारद्वाज ने कहा कि हम उन सभी आत्माओं को नमन करते हैं, जिन्होंने इस महाविद्यालय को स्थापित करने में अपना योगदान दिया था। जिस उद्देश्य और सपने को लेकर नौ विद्यार्थियों एवं 11 विषयों के साथ इस महाविद्यालय की स्थापना हुई थी वह महाविद्यालय आज 23 स्नातक एवं परास्नातक विषयों के साथ करीब 3500 छात्राओं के साथ प्रदेश का शीर्षस्थ राजकीय महाविद्यालय होने के साथ-साथ अग्रतर ए ग्रेड पाने की ओर कृत संकल्पित है। इस अवसर पर डॉ. अमित यादव की पुस्तक सार्त्र का नैतिक दर्शन एवं डॉ. पिंकी यादव द्वारा लिखित शिव पुराण में शैव धर्म एवं दर्शन का विमोचन भी हुआ। स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए प्राचार्य एवं शिक्षकों की ओर से महाविद्यालय परिसर में अमरूद का पेड़ लगाया गया।
कार्यक्रम में डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. बीएन पांडेय, डॉ. उमाशंकर प्रसाद, डॉ. अनिता कुमारी, डॉ. शंभूशरण प्रसाद, डॉ. अकबरे आजम, डॉ. संतन कुमार राम, डॉ. संगीता, डॉ. शिखा, डॉ. सर्वेश, डॉ. आनंद, डॉ. ओम शिवानी, डॉ. सुमन, डॉ. आनंद, डॉ. गजनफर, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. हरेंद्र यादव आदि प्राध्यापक, कर्मचारी सहित छात्राएं उपस्थित थीं। संचालन डॉ. निरंजन कुमार यादव ने किया।