जमानिया। पटखौलिया बाजार निवासी अब्दुल बाकी अंसारी ने प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय से गुहार लगाई थी। न्यायालय के आदेश पर शनिवार को पुलिस ने पैसा वापस न करने और मांगने पर मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया।
पटखौलिया बाजार निवासी पीड़ित अब्दुल बाकी अंसारी ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया था कि मोहम्मद हसन अंसारी ने वर्ष 2014 में पटखौलिया बाजार में दुकान खरीदने के लिए पैसों की जरूरत बताकर भरोसा दिलाया कि वह पहले दुकान अपने नाम कराएगा फिर पीड़ित को रजिस्ट्री कर देगा। दोस्ती में विश्वास कर अब्दुल बाकी ने मोहम्मद हसन को 2014 में 6.79 लाख रुपये नकद और 2015 में पांच लाख रुपये बैंक से दिए। बाद में 2016 और 2018 में भी समय-समय पर रुपये दिए। कुल मिलाकर अब्दुल बाकी ने 22 लाख 68 हजार रुपये मोहम्मद हसन को दिए थे। मगर, मोहम्मद हसन ने रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया। जब रुपये वापस करने की बात आई तो तीन साल तक टालमटोल करता रहा। 13 नवंबर 2021 को पंचों के सामने लिखित सुलहनामा भी हुआ, जिसमें मुहम्मद हसन ने रुपये लौटाने की बात कही। बावजूद इसके पैसे फिर भी नहीं लौटाए। गत दो फरवरी 2025 को जब अब्दुल बाकी रुपये मांगने दुकान पर पहुंचे तो मोहम्मद हसन और उसके पुत्रों शाहिद हसन व साजिद हसन ने गाली देते हुए पीड़ित को मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित ने बताया कि जब कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।