क्या है पूरा आरोप
आरोप है कि 11 सितंबर को रेयाज अहमद अंसारी ने मोबाइल पर हाफिज अब्दुल गनी और उनके बेटे मोहम्मद मजहर को फोन कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और न देने पर हत्या करने धमकी दी थी। इस मामले में कासिमाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इस मुकदमे से नाराज होकर मदरसा मदरसतुल मसाकीन बहादुरगंज पर कब्जा करने और अनुचित लाभ लेने के लिए रेयाज अहमद ने पूर्व प्रबंधक नजीर अहमद निवासी वार्ड नंबर-2 मोहल्ला कोईरान बहादुरगंज, परवेज जमाल निवासी वार्ड नंबर-8 मोहल्ला पक्का हाता बहादुरगंज और अपने भतीजे शकील अख्तर के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए।
इसमें शकील अख्तर को मदरसे का प्रबंधक दर्शाया गया। पांच दिसंबर को प्रबंध समिति के पदाधिकारी और सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इस कूटरचित दस्तावेज को कार्यालय सहायक निबंधक फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स वाराणसी मंडल वाराणसी के यहां दाखिल किया गया।
इनके हैं फर्जी हस्ताक्षर
तहरीर के मुताबिक, कूटरचित दस्तावेज प्रपत्रों पर मदरसे की प्रबंध समिति के पदाधिकारी हाफिज अब्दुल गनी (प्रबंधक), वसीक अहमद (उप प्रबंधक), अबुल हसन (उपाध्यक्ष), फखरुद्दीन अंसारी (वर्तमान अध्यक्ष), नदीम अंसारी (मोहासिब), अजीजुर्रहमान (सदस्य), अब्दुल सलाम (सदस्य) के फर्जी हस्ताक्षर हैं। फर्जी प्रपत्र/अभिलेख पूर्व प्रबंधक नजीर अहमद व परवेज जमाल, रेयाज अहमद अंसारी ने मिलकर अपने भतीजे शकील अख्तर के साथ साजिश व अनुचित लाभ लिए जाने के लिए तैयार किया है।
बहादुरगंज नगर पंचायत चेयरमैन समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चेयरमैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।- डॉ. ईरज राजा, एसपी।