जिले के 415 गांवों में जर्जर तारों को हटा कर केबिल बिछाया जाना है। यह कार्य जून 2021 से शुरू हुआ लेकिन आठ माह में सिर्फ 53 गांवों में ही केबिल बिछाया जा सका है। 39 गांवों में कार्य चल रहा है जबकि 323 गांवों में अभी केबिल बिछाने का कार्य भी शुरू नहीं किया जा सका है। इस कार्य को अगस्त 22 तक पूरा करना है लेकिन धीमी गति से चल रहे कार्य के चलते ऐसा संभव नजर नहीं आ रहा है।
वर्षों पूर्व लगाए गए अधिकतर विद्युत तार जर्जर हो गए हैं। तारों के टूट कर गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसको देखते हुए तारों को बदल कर केबिल लगाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। जिले के चिह्नित 415 गांवों में केबिल बिछाया जाना है। कार्यदायी संस्था की ओर से जून 2021 में केबिल बिछाने काम शुरू किया गया लेकिन स्थिति यह है कि आठ महीने में आठ ब्लाकों के सिर्फ 53 गांवों में ही केबिल बिछाने का काम हो पाया है जबकि 39 गांवों में केबिल बिछाने का कार्य चल रहा है। 323 गांव ऐसे हैं जहां केबिल बिछाने का कार्य शुरू तक नहीं किया जा सका है। जबकि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अंतर्गत अगस्त 2022 तक केबिल बिछा देना है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काम में हो रही देरी के पीछे टीमों की संख्या कमी होना है। इसके लिए कई बार कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया लेकिन अभी सात टीमों से ही काम कराया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक टीम लगाकर काम को तेजी से कराने के लिए कई बार कहा जा चुका है। जिन 53 गांवों में खुले में तार की जगह केबिल लगाने का काम पूरा हुआ है, उनके भांवरकोल के 6, सदर के 2, जखनिया के 10, करंडा के 3, मनिहारी के 14, मुहम्मदाबाद के 10, बिरनो के 2 और जमानिया के 6 गांव शामिल हैं। अन्य ब्लॉक अभी अछूते हैं।
एक हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में लग रहा केबिल
खुले में तार होने से कटिया कनेक्शन से छुटकारा पाने और खुले में लटक रहे तार के टूटने से घटना का खतरा को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एशियाई विकास बैंक के सहयोग से केबिल लगाने का काम शुरू किया। इसके लिए एक हजार की आबादी से ऊपर के गांव व मजरों को शामिल किया गया। जनपद में फिलहाल 415 गांव हैं। जहां केबिन युक्त बिजली व्यवस्था बहाल करनी है।
जनपद में चार डिविजन हैं जहां बिजली के खुले तार को बदलने का काम होना है। कई बार पत्र लिखकर टीमों को बढ़ाने के लिए कहा गया है।-सीबी सिंह, अधिशासी अधिकारी बिजली विभाग।
काम को तेजी से पूरा करने के लिए टीमें बढ़ाई जाएंगी। अभी खेतों में फसल है जिससे पोल लगाने और तार बदलने के काम में परेशानी आ रही। इसलिए सीमित टीमों को लगाकर काम किया जा रहा।-रविंद्र, मैनेजर अशोक बिल्डकान।