कर्मचारियों के हड़ताल से कासिमाबाद में बंद स्टेट बैंक।
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गाजीपुर। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मियों ने शुक्रवार को आस्तीनें चढ़ा लीं। वह अपनी मांगों के समर्थन में देशव्यापी हड़ताल में शामिल रहे और कामकाज ठप रखा। इस बीच सभी बैंकों में ताले लटके रहे। शहर के महुआबाग स्थित यूनियन बैंक कार्यालय के पास सभा आयोजित कर कर्मचारी सरकार के नकारात्मक रवैए के विरोध में जमकर गरजे। हड़ताल की वजह से एक अरब दस करोड़ तक का व्यवसाय प्रभावित रहा। दो दिवसीय हड़ताल से ग्राहकों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। कारोबारी कई दिनों तक बैंक के कामकाज ठप होने से भयभीत हैं।
गाजीपुर इकाई के यूएफबीयू के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने कहा कि वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ वेतन पुनरीक्षण समझौता हो गया है। इसमें पांच दिवसीय बैंकिंग लागू की जाए। मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय किया जाए। नई पेंशन योजना को समाप्त किया जाए। पेंशन का अपडेशन तथा पारिवारिक पेंशन में सुधार किया जाए। एआईबीओसी के क्षेत्रीय सचिव सत्यम कुमार ने सरकार के निजीकरण, विदेशीकरण एवं विलयीकरण का विरोध किया। मांग की कि आपरेटिंग प्राफिट के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन किया जाए। बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट और शाखाओं में कारोबार का समय, भोजन, अवकाश आदि का एक समान निर्धारण किया जाए। संतोष कुमार ने भी सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। कहा कि बैंकों में अवकाश बैंक की शुरुआत की जाए। ओमप्रकाश सिंह ने उचित वेतन समझौते की मांग की। ठेका कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर आईबीए और केंद्र सरकार की ओर से हमारी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो यूएफबीयू की ओर से 11 से 13 मार्च तक हड़ताल की जाएगी। अगर सरकार ने इसके बाद भी हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो पहली अप्रैल से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे। सभा में जेएन सिंह, विनोद शर्मा, मंजीत मौर्य, सरयू चौधरी, दीपक सिंह, राजेश कुमार, ब्रह्मदेव सिंह यादव, रामअवध प्रेमी, पुष्कल कुमार, मुहम्मद तसौव्वर, संतोष राय, कमलेश सिंह, सुनील उपाध्याय, सुबोध कुमार, रामकृत राम, प्रभात कुमार, स्वामीनाथ गुप्ता, अनिल कुमार, विश्वजीत कुमार, नाजनीन बेगम, नितेश पांडेय, बृजेश सिंह ने विचार व्यक्त किया। अंत में संतोष राय ने आभार प्रकट किया।