सुहवल थाना के मेदिनीपुर में किसानों के द्वारा उचित मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे रेल कम रोड ब्रिज
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सुहवल। ताड़ीघाट-मऊ रेल खंड के विस्तारीकरण को लेकर पहले चरण के चल रहे निर्माण कार्य को गुरुवार की सुबह मेदिनीपुर गांव के दर्जनों किसानों ने परियोजना कार्य स्थल पर पहुंचकर मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य रोकवा दिया। कार्यदायी संस्था एवं उनके इंजीनियरों किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी बातों पर अड़े रहे। बाद में सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह पुलिस के साथ वहां पहुंचे और किसानों को समझाया तब कहीं जाकर किसान शांत हुए।
किसानों का आरोप था कि मुआवजे को लेकर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस पर उपजिलाधिकारी ने कहा कि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। रेलवे अधिनियम के तहत एवं भूमि अधिग्रहण के तहत जो भी मुआवजा विधि सम्मत होगा उन्हें मिलेगा, लेकिन किसानों ने उचित मुआवजे मिलने तक निर्माण कार्य न होने की चेतावनी दी। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। उपजिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं हो रहा है। इसके बाद निर्माण कार्य पुन: चालू हो गया। इस अवसर पर थानाध्यक्ष संजय वर्मा, उपनिरीक्षक बलवंत यादव, उपनिरीक्षक राजेश गिरी, जीपीटी के वाइस प्रेसीडेंट अश्विनी कुमार, राजस्व निरीक्षक शेषमणी, रामराज, सागर कुशवाहा, बृजकिशोर, विनीत सिंह आदि उपस्थित थे।