शहर कोतवाली क्षेत्र के महराजगंज के बर्तन व्यवसायी ने मंगलवार रात जहर खाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में बसपा से चुनाव लड़ने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा मांगे गए दो करोड़ रुपये का इंतजाम न होने को कारण बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं बसपा जिलाध्यक्ष रामप्रकाश गुड्ड ने कहा कि वह न तो बसपा के कार्यकर्ता थे और न चुनाव लड़ाने की बात हो रही थी, पार्टी को बदनाम किया जा रहा है। महराजगंज निवासी मुन्नू प्रसाद (62) के तीन पुत्र हैं। दो पुत्र डब्लू एवं बबलू मुंबई में रहते हैं। दोनों पुत्रों के साथ पत्नी दुर्गा भी वहीं रहती हैं। तीसरा पुत्र दीपक पिता के साथ रह कर बर्तन व्यवसाय में सहयोग करता है। सुबह करीब छह बजे दीपक चाय बनाकर पिता मुन्नू प्रसाद को जगाने कमरे में गया, तो चारपाई पर वह मृत मिले। सूचना पर महराजगंज चौकी प्रभारी राजेश कुमार मिश्र टीम के साथ पहुंचे।
कोतवाली प्रभारी विमल मिश्र ने बताया कि मुन्नू प्रसाद ठठेर गांव में साइकिल से बर्तन बेचते थे। घर वालों के अनुसार मुन्नू बसपा के सक्रिय सदस्य थे। कुछ समय से वह क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए तैयारियों में भी जुटे हुए थे। पार्टी के हर कार्यक्रम में भाग लेते थे। कहते थे कि इस बार सदर से विधायक का चुनाव लड़ेंगे। बसपा सुप्रीमो से बात हो गई है।