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सपा ने छह और एक सीट कौएद ने जीती

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गाजीपुर। वर्ष 2012 में संपन्न हुए 16वें विधानसभा के चुनाव में सपा ने छह सीटें जीतकर अपना वर्चस्व कायम किया था। पिछले चुनाव में छह सीट जीत कर विजय का डंका बजाने वाली बसपा को इस चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी थी और उसका पूरी तरह से सफाया हो गया था। कौमी एकता दल (कोएद) ने मुहम्मदाबाद सीट जीत कर अपने विजय की शुरूआत की थी। भाजपा को लगातार दूसरी बार और भाकपा को लगातार तीसरी बार एक भी सीट जीतने में कामयाबी नहीं मिली थी।
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इस चुनाव में मुहम्मदाबाद सीट से जीत हासिल करके सिबगतुल्लाह अंसारी ने लगातार दूसरी बार और जंगीपुर सीट जीतकर कैलाश यादव ने तीसरी बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया था। दिलदारनगर सीट से लगातार पांच बार और इस चुनाव में जमानिया सीट जीतकर ओम प्रकाश सिंह ने छह बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इस चुनाव में नया परिसीमन हो गया और सीटों के क्रमांक बदलकर 373 से 379 के बीच हो गए थे। इसके अलावा सैदपुर सीट को सामान्य से अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कर कर दिया गया था। जखनिया ( अनुसूचित) सीट से सपा के सुब्बा राम, सैदपुर ( अनुसूचित) सीट से सपा के सुभाष पासी, गाजीपुर सदर सीट से सपा के विजय मिश्र, जंगीपुर सीट से सपा के कैलाश यादव, जहूराबाद सीट से सपा की शादाब फातिमा, मुहम्मदाबाद सीट से कौमी एकता दल के सिबगतुल्लाह अंसारी और जमानिया सीट से सपा के ओम प्रकाश सिंह को विजय मिली थी।
जिले में हुए 16वें विधानसभा चुनाव- 2012 के परिणाम की स्थिति इस प्रकार रही-
जखनिया (सुरक्षित) सुब्बा राम (सपा)
सैदपुर (सुरक्षित) सुभाष पासी ( सपा )
गाजीपुर सदर - विजय मिश्र (सपा)
जंगीपुर- कैलाश यादव ( सपा )
जहूराबाद - शादाब फातिमा ( सपा)
मुहम्मदाबाद - सिबगतुल्लाह अंसारी (कौएदल)
जमानिया- ओम प्रकाश सिंह ( सपा )
सादात व दिलदारनगर सीटों का अस्तित्व समाप्त
केंद्रीय परिसीमन आयोग द्वारा वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जिले की सीटों की संख्या को आठ घटा कर सात कर दिया। सादात और दिलदारनगर सीट के अस्तित्व समाप्त हो गया। जंगीपुर नाम से एक नई विधानसभा सीट का सृजन किया गया। वर्ष 1967 के चुनाव विधानसभा चुनाव के समय ही सादात और दिलदारनगर की विधानसभा सीटों का सृजन हुआ था। करीब 45 वर्षों बाद इन सीटों का अस्तित्व समाप्त किया गया।
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