करंडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार लल्लन यादव को हत्यारोपी। संवाद
गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र में बरसरा गांव निवासी किसान लल्लन यादव की हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें मृतक का सगा भाई हीरा व भतीजा अंकित भी शामिल है। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बोलेरो, फावड़ा, लोहे की छड़, साथ ही मृतक का टूटा मोबाइल, चश्मा, डायरी और जले कपड़े बरामद किए हैं। आरोपियों ने बताया कि जमीन का खरीदार बनकर लल्लन को फोन करके बुलाया गया। इसके बाद उसे शराब पिलाई गई फिर हत्या की गई। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश मिश्रा ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि लल्लन यादव पहले मुंबई में रहता था। वहां उसके परिवार की एक खोली (झोपड़ी) थी, जिसे मृतक ने इस शर्त पर बेच दिया था कि वह गांव की जमीन में हिस्सा नहीं लेगा। इसके बाद वह कोलकाता रहने लगा था। कुछ दिन पहले ही वो कोलकाता से गांव था और अपने हिस्से की 11 बिस्वा जमीन 18 लाख रुपये में बेच दी थी। इसके बाद अपने भाई हीरा यादव पर शेष हिस्से की जमीन देने के लिए दबाव बना रहा था ताकि जमीन बेच कर कोलकाता जा सके। यह बात भाई व भतीजा को रास नहीं आई। उसके भाई व भतीजा चाहते थे कि मृतक अपनी जमीन उन्हें औने-पौने दाम पर बेच दे, जिस पर वह राजी नहीं था। इसके बाद उसके भाई हीरा व भतीजा अंकित ने उसकी हत्या की साजिश रची। इस कार्य में उन्होंने तुरना गांव के तीन लोगों की मदद ली। एएसपी ने बताया कि थाना करंडा में तीन दिसंबर को दर्ज प्राथमिकी में पुलिस सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की परतें खोल सकीं। मामले में पुलिस ने आरोपी हीरा यादव व अंकित यादव निवासी ग्राम बड़सरा, राजेश कुमार व धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप निवासी ग्राम तुरना को गिरफ्तार किया है।
दो लाख में हत्या का हुआ था सौदा -एएसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार हीरा यादव ने बताया कि उसने अपने बेटे अखिलेश उर्फ दीपक के साथ मिलकर गांव तुरना के धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप से दो लाख रुपये के बदले लल्लन यादव की हत्या कराने का सौदा तय किया था। योजना के मुताबिक धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप ने लल्लन को जमीन का खरीदार बन कर फोन किया और गांव से बाहर बुलाया। चारों ने साथ बैठकर शराब पी और फिर उसे राजेश की बोलेरो में बैठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर ले जाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक सुनसान पुलिया के नीचे लगे सीमेंट पाइप में फेंककर, पाइप का मुंह मिट्टी से बंद कर दिया ताकि शव किसी को न मिले।
एक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर-एएसपी सिटी ने बताया कि मुख्य आरोपी भाई हीरा यादव ने बताया कि उसने अपने बेटे अखिलेश उर्फ दीपक के साथ मिलकर गांव तुरना के धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप को पैसे देकर लल्लन यादव की हत्या कराई थी। एएसपी ने कहा कि मामले में वांछित अखिलेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
भाई की पत्नी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी-अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीन दिसंबर को मृतक के भाई स्व.सूर्यबली की पत्नी ऊषा देवी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि दो दिसंबर को मेरे भसुर लल्लन यादव के पास फोन आया था। इसके बाद वह बिना बताए घर से कहीं चले गए। तहरीर पर गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चार दिसंबर को नंदगंज थानाध्यक्ष द्वारा डीसीआर ग्रुप पर यह मेसेज दिया गया कि तुरना गांव में पुलिया के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना पर वादिनी ने शव की शिनाख्त लल्लन यादव के रूप में की थी।