फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्मे श्रीराम, दौड़ी खुशी की लहर

Sat, 10 Oct 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से शुक्रवार की रात श्रीराम चबूतरे पर श्रीराम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया गया।
विज्ञापन


पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ को चिंतित देख महर्षि वशिष्ठ जी ने उन्हें यज्ञ कराने की सलाह दी। दशरथ श्रृषि श्रींगी  की शरण में जाते हैं और उनसे यज्ञ कराने का आग्रह करते हैं। श्रींगी श्रृषि ने यज्ञ कराया। यज्ञ से खुश होकर

प्रकट हुए अग्नि देव ने खीर से भरी कटोरी राजा दशरथ को दी और उसे तीनों रानियों को खिलाने के लिए कहा। राजा ने वैसा ही किया और कौशल्या से राम, कैकेई से भरत व सुमित्रा की कोख से लक्ष्मण व शत्रुघ्न ने जन्म लिया।
विज्ञापन


जन्म का समाचार  सुनते ही अयोध्या में खुशी की लहर दौड़ गई। सोहर गाए गए और बधाईयां दी गई। महाराजा दशरथ ने अयोध्यावासियों  को सोने चांदी के उपहार वितरित किए।

    इसके बाद चारों भाई बड़े हुए तो गुरू विश्वामित्र ने राजमहल में आकर राम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगा। इस पर महाराज दशरथ ने राम और लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ जाने की आज्ञा दी। इसके बाद

विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम की ओर चले। रास्ते में श्रीराम ने अहिल्या का उद्धार किया। रास्ते में श्रीराम ने राक्षसी ताड़का का वध किया। इस मौके पर पूजन  कमेटी  के पदाधिकारी अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, कोषाध्यक्ष अभय अग्रवाल,  मंत्री ओमप्रकाश  तिवारी (बच्चा), प्रबंधक जैमिनी दत्त त्रिवेदी, कृष्ण  बिहारी त्रिवेदी, लवकुमार  त्रिवेदी, अशोक अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण,  डा.यूसी राय, विनय कुमार सिंह उर्फ बीनू,  रामसबद सिंह, श्रीप्रकाश सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन

रावण का हुआ जन्म
जमानिया। क्षेत्र के पचोखर गांव स्थित अति प्राचीन रामलीला समिति की ओर से शुक्रवार की रात नारद  मोह, मनुसतरूपा और रावण जन्म का मंचन किया गया।  उक्त मौके पर जवाहिर राय, राकेश राय,अनुपम तिवारी, संतोष, कृपा  राम,  ब्रहम्देव कुशवाहा, सुख्खु राम, अंशु यादव।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें