मतदेय स्थलों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्वाचन आयोग का फरमान बेअसर साबित हो रहा है। वजह संबंधित विभाग उसके आदेश को पलीता लगा रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक बड़ी संख्या में मतदेय स्थलों पर पेयजल, बिजली, शौचालय एवं रैंप की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है। आगामी चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है वहीं प्रशासनिक सक्रियता भी बढ़ गई है। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए आयोग की तरफ से जोरशोर से तैयारी की जा रही है। मतदाताओं को मतदेय स्थलों पर न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयोग की तरफ से प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत उसने बूथों पर पेयजल, शौचालय, बिजली एवं रैंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उसके निर्देश के क्रम में प्रशासन की तरफ से सुविधाएं उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है लेकिन संबंधित विभागों की उदासीनता से बहुत से बूथों पर ये न्यूनतम सुविधाएं अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में 2591 मतदेय स्थल हैं।
इनमें 2463 बूथ ऐसे हैं जहां पेयजल की व्यवस्था है जबकि 128 पर इसकी समस्या बनी हुई है। इसी तरह 282 में संचार की सुविधा है जबकि 2309 में नहीं हैै। 2388 में शौचालय हैं जबकि 203 में नहीं है। 2368 में फर्नीचर एवं 223 में नहीं और 1299 में शेड एवं 1292 में नहीं है। इसके अलावा 2316 बूथों पर रैंप हैं एवं 275 पर नहीं तथा 1212 में विद्युतीकरण की सुविधा है जबकि 1379 में बिजली की व्यवस्था नहीं है।