गंगौली (गाजीपुर)। नोनहरा थाना क्षेत्र के चककमरौरा गांव में राजस्व और पुलिस टीम पर हमले और लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ हुई थी। इस दौरान मंगई नदी में डूबे निजी ट्रैक्टर चालक रामबाबू (22) का शव तीसरे दिन शुक्रवार की सुबह सम्मनपुर गांव के गेट के पास उतराया मिला।
आक्रोशित ग्रामीणों ने नदी से शव को 9 घंटे तक नहीं निकालने दिया। साथ ही सुबह सात बजे से अलावलपुर-नोनहरा मार्ग को जाम कर दिया। एडीएम वेद सिंह चौहान और एएसपी अतुल सोनकर ग्रामीणों व परिजनों को समझाने में जुटे रहे।
दैवी आपदा के तहत चार लाख नकदी, संविदा पर मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और दर्ज प्राथमिकी वापस लेने सहित चार मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद शाम चार बजे जाम समाप्त हुआ।
चककमरौरा गांव निवासी अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि सात अक्तूबर को भूमि पैमाइश के दौरान दो पक्षों में कहासुनी हुई। पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान हुई भगदड़ के दौरान भाग रहे दो युवक नदी में कूद गए थे।
एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया था, जबकि बड़े भाई रामबाबू नदी में डूब गए। दूसरे दिन आठ अक्तूबर को एनडीआरएफ की टीम ने युवक की तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका था। शुक्रवार को सुबह पांच बजे सम्मन गांव के मुख्य गेट के 100 मीटर दूर उतराया मिला। ग्रामीणों ने पानी से पुलिस को शव बाहर नहीं निकालने दिया। सुबह सात बजे आक्रोशित ग्रामीण अलावलपुर-नोनहरा मार्ग को जाम कर दिया।
पिता चंद्रमा राम ने बताया कि एडीएम और एएसपी ग्रामीण ने 54 लोगों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने, पोस्टमार्टम के दौरान चार लाख रुपये नकदी देने, संविदा पर एक सदस्यों को नौकरी दिलाने, सीएम राहत कोष से सहायता दिलाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दोषी राजस्व व पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आश्वासन पर शाम चार बजे धरना समाप्त हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नए एसपी विनय कुमार सिंह और डीएम अनुपम शुक्ला ने शुक्रवार की देरशाम मृतक के परिजनों से मिलने पोस्टमार्टम हाउस गए। यहां उनसे बात करके घटना की जानकारी ली।
मृतक रामबाबू की फाइल फोटो। स्रोत.. परिजन
मृतक रामबाबू की फाइल फोटो। स्रोत.. परिजन
मृतक रामबाबू की फाइल फोटो। स्रोत.. परिजन
मृतक रामबाबू की फाइल फोटो। स्रोत.. परिजन