फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: कुत्ते-बंदरों के हमले बढ़े तो 3 महीने में एआरवी की खपत 67 फीसदी बढ़ी

विज्ञापन
गाजीपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर घूमते आवारा कुत्तें। संवाद
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले में बंदरों और कुत्तों के हमले बढ़ने के साथ एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की मांग लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े देखें तो इस साल जून में जहां 1896 वायल एआरबी की खपत हुई थी, वहीं जुलाई में यह बढ़कर 2115, अगस्त में 3270 और सितंबर में अब तक 3530 वायल पहुंच गई।
विज्ञापन

यानी जुलाई की तुलना में सितंबर में अब तक एआरवी की खपत करीब 67 फीसदी बढ़ चुकी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बंदरों और कुत्तों के झुंड बढ़ने से इनके हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
वहीं, हमलों की बढ़ती समस्या के बीच आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने और बंध्याकरण की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि नगर पालिका के ईओ डीके राय ने बताया कि जमीन चिह्नित हो गई है और शेल्टर होम के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
विज्ञापन

प्राचार्य प्रो. आनंद मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एंटी रेबीज की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रतिदिन 60 से अधिक मरीज टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। एक वायल से पांच मरीजों को टीका लगाया जाता है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। अगस्त से इसकी खपत बढ़ी है, लेकिन पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
हमले बढ़े, नियंत्रण के इंतजाम अब भी अधूरे : जिले में बंदरों और कुत्तों के झुंड बढ़ने के बावजूद आवारा कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम का निर्माण नहीं हो सका है। वहीं, बंध्याकरण की कार्रवाई भी अब तक शुरू नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें