गाजीपुर। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त तत्वावधान में शहर के लंका मैदान से सरजू पांडेय पार्क तक शनिवार को वक्फ बिल के खिलाफ मार्च किया गया।
इस दौरान विधेयक को वापस लेने और मौजूदा सरकार के इस कानून को सांप्रदायिक बताते हुए इसके खिलाफ नारे लगाए।
इस मौके पर हुई सभा में इंनौस के राज्य अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद ने कहा कि वक्फ बोर्ड मुस्लिमों की तकरीबन सारी दान में दी गई ज़मीन और धार्मिक-सांस्कृतिक जगहों से जुड़े मामलों को देखता है।
इस नए बदलाव से ऐसी सभी जमीनों, संपत्तियों और संस्थानों का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होगा, और इससे जुड़े हर विवाद या मुकदमे का फैसला राज्य के प्रतिनिधियों की ओर से किया जाएगा। यकीनन ये मुस्लिम पहचान, धार्मिक आजादी और संस्कृति पर सीधा हमला है।
सरकार इस सांप्रदायिक एवं संविधान विरोधी बिल को अविलंब वापस ले। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि मोदी सरकार मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। इससे संविधान कमजोर हो रहा है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने एलान किया कि बिल की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में आइसा के राज्य सचिव शिवम, आरवाईए के राज्य सचिव सुनील मौर्य, एपवा की राज्य सचिव कुसुम वर्मा, भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव, भानू, राजीव गुप्ता, संजय निषाद, राकेश सिंह, मनोज कुशवाहा, अनिल कुमार, योगेंद्र, ओमप्रकाश सिंह, राजेश साहनी, देवानंद, शशिकांत कुशवाहा, कमला गौतम, रेखा पासवान सहित कई अन्य मौजूद थे।