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Ghazipur News: ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद स्कूल के ऊपर से गुजरे तारों को दुरुस्त कराया

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प्राथमिक विद्यालय वैदवली के ऊपर से बिजली का केबल हटाते विद्युत कर्मी। संवाद - फोटो : 1
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मरदह। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बैदवली के ऊपर से एक वर्ष से बिजली का तार लटक रहा था। इससे बच्चों पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए मंगलवार को अभिभावकों के साथ ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था। वहीं इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद संबंधित जिम्मेदार हरकत में आए और लटकते तार को दुरुस्त कराया। बैदवली प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से गुजरे तारों में आपूर्ति भोजापुर विद्युत उपकेंद्र से होती है। बताया गया कि पहले भी तार स्कूल परिसर में गिर चुका है। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी। गांव के लोगों ने उस तार को खंभे में साइकिल के टायर के सहारे बांधा है जो विगत एक वर्ष से भगवान भरोसे चल रहा है। इसकी सूचना विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं बिजली निगम के कर्मचारियों को दी गई लेकिन कोई सुधि नहीं ले रहा था। इस उदासीनता से नाराज होकर मंगलवार को ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने प्रदर्शन करते हुए उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था। इस खबर को अमर उजाला ने 19 नवंबर की अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी मिन्हाज अंसारी एवं बिजली निगम के जेई महमूद अली अपने मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य कराकर तार को दुरुस्त कराया। गांव के धनंजय राजभर, सचिन राजभर, मंजू देवी, आशा देवी, मनभावती देवी, विमला देवी, ज्ञानती, शांति, सरवन कनौजिया, प्रेम राजभर, रामानंद राजभर, रामायन राजभर ने अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अब हमें राहत मिली है। बिजली विभाग के जेई महमूद अली ने कहा लटके बिजली तार को टाइट कराकर व्यवस्थित कर दिया गया है। अब कोई खतरे का अंदेशा नहीं है।
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ग्रामीणों को घायल करने वाले पशु को भेजा गो-आश्रय केंद्र-सेवराई। क्षेत्र में 12 से ज्यादा लोगों पर हमला कर घायल करने वाले संरक्षित पशु को बृहस्पतिवार को गो-आश्रय केंद्र भेज दिया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवंत सिंह कुशवाहा ने बताया कि तहसील मुख्यालय के स्थानीय गांव में 16 दिनों एक संरक्षित पशु के हमले में करीब 12 अधिक ग्रामीणों घायल हो गये थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ब्लॉक एवं तहसील के अधिकारियों से की थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर अमर उजाला के 19 नवंबर के अंक में सांड़ के उपद्रव से 15 दिनों में 12 से ज्यादा लोग घायल, प्रशासन मौन शीर्षक से प्रमुखता से मुद्दे को प्रकाशित किया था। खबर पर संज्ञान लेते हुए संरक्षित पशु को पकड़कर बारा स्थित गो-आश्रय केंद्र भेज दिया गया। सेवराई ग्राम प्रधान सुभाष यादव ने बताया कि छुट्टा संरक्षित पशु को सफाईकर्मियों की मदद से पड़कर गो-आश्रय केंद्र भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने इसके लिए अमर उजाला के प्रति आभार जाहिर किया। संवाद
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