अग्निपथ योजना के विरोध और बवाल के शांत होने से करीब चार दिन बाद सिटी रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा मंगलवार को समाप्त हो गया। सुबह से ही यात्रियों की चहल-पहल प्लेटफार्म पर बनी रही। बंद पड़े खान-पान के स्टाल भी खुल गए। इधर प्लेटफार्म और परिसर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय पुलिस टीम के साथ आरपीएफ और जीआरपी चक्रमण करती रही। वहीं रोडवेज बस स्टैंड पर पीएसी के जवान तैनात रहे, जबकि मार्गों पर रोडवेज बसों का आवागमन भी बना रहा। हालांकि करीब 31 रोडवेज की बस आजमगढ़ में हो रहे सांसद उपचुनाव के लिए गई हुई हैं।
बीते 17 जून से ही विरोध और बवाल के चलते जहां वाराणसी- छपरा, वाराणसी-औड़िहार- मऊ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड पर दौड़ने वाली ट्रेनों की रफ्तार थम गई थी। इधर रोडवेज बसों के साथ निजी बसों के भी पहिए रुक गए थे। यह स्थिति बीते 20 जून तक बनी हुई थी। वहीं सुरक्षा की दृष्टिकोण से एहतियात और सतर्कता साफ बरता जा रहा था। ऐसे में माहौल शांत होने के बाद जहां निजी और रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया। वहीं एक-दो की संख्या में ट्रेन भी वाराणसी-छपरा और वाराणसी-औड़िहार-मऊ रेलखंड पर चलनी शुरू हो गई। जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड की पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रही। इस रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को लेकर पांचवे दिन भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस रही। सिटी रेलवे स्टेशन पर कोतवाली की पुलिस टीम के अलावा आरपीएफ एवं जीआरपीएफ टीम चक्रमण करने के साथ आवागमन करने वाले लोगों पर नजर भी रख रही थी। हालांकि यात्रियों को सफर शुरू करने और टिकट काउंटर पर आरक्षण के लिए आए लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रोडवेज के एआरएम बीके पांडेय ने बताया कि 31 रोडवेज की बस उपचुनाव के लिए आजमगढ़ गई हुई हैं। जबकि अन्य बसों का संचालन विभिन्न मार्गों होता रहा है।