गाजीपुर। आंगनबाड़ी भर्ती मामले में एक महिला अभ्यर्थी का शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर आवेदन करने और सीडीओ के स्टेनो के मित्र एवं उनके रिश्तेदार को बीपीएल श्रेणी का आय प्रमाणपत्र जारी करने वाले दो लेखपाल जांच अधिकारियों के रडार पर हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में शिकायत सही मिली है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन पर कार्रवाई हो सकती है। अब तक की जांच में सामने आया है कि जनपद में हुई आंगनबाड़ी भर्ती में जिम्मेदारों के स्तर पर भी कहीं न कहीं चूक हुई है, जिसका परिणाम है कि रोजाना नई-नई बातें सामने आ रही हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक चयन में कुछ श्रेणियों के पात्रों को वरीयता दी गई थी लेकिन जो नियम बनाए गए थे, उससे कई पात्र आवेदन करने से वंचित भी हो गए। स्थिति यह रही कि गिनती की विधवा श्रेणी की महिलाओं को ही लाभ मिल सका।
वहीं, इसका लाभ भर्ती प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी रखने वालों के संपर्क में रहने वालों ने भी खूब उठाया। उन्होंने अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए इसकी खबर की, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर आवेदन भी कर दिए।
अब तक 14 मामलों में कार्रवाई हो चुकी है और 10 लेखपाल भी निलंबित हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तीन और मामले सामने आए हैं, जो प्रारंभिक जांच में सही मिले हैं।
हालांकि अमर उजाला ने इसका खुलासा अलग-अलग तारीख में प्रकाशित खबरों में पहले भी किया था। प्रकरण की जांच सीआरओ आयुष चौधरी कर रहे हैं।
हालांकि मामले में अभी कोई जिम्मेदार बोलने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर चयनित आंगनबाड़ी के इस्तीफा देने की भी खबर है लेकिन जिला स्तर पर कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।