नंदगंज। थाना क्षेत्र के सिरगिथा बाजार के कुकुड़ा मोड़ के पास सोमवार की रात एक सराफा कारोबारी का स्कार्पियो सवारों ने अपहरण कर लिया था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में जुट गई थी। मंगलवार को दिन में अपहृत कारोबारी को नंदगंज में एक बस से बरामद किया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
मालूम हो कि थाना क्षेत्र के सिरगिथा बाजार के कुकुड़ा मोड़ के पास गुरुचरण उर्फ करन की सराफा की दुकान है। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सिरगिथा बाजार में ही चार वर्ष से किराए के मकान में रहता है, जबकि वह ओरउत थाना लोहता वाराणसी का मूल निवासी है। सोमवार की रात आठ बजे वह अपनी दुकान बंदकर पैदल ही घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में सौरी निवासी रामलखन की बाइक पर बैठकर घर जाने लगा। घर के पास बाइक सवार ने जैसे ही बाइक से गुरुचरण को उतरा पहले से वहां मौजूद स्कार्पियो सवार कुछ लोगों ने उसे जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया। बाइक सवार ने स्कार्पियो सवार लोगों से पूछा की कहां ले जा रहे हो तो उन्होंने कहा कि हम क्राइम ब्रांच से हैं। थाना ले जा रहे हैं। जानकारी होते ही वहां अन्य लोग भी पहुंच गए। लोगों ने घटना की जानकारी डायल-100 पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जानकारी होते की कारोबारी के पिता वाराणसी से रात में ही थाना पहुंचे और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी। पुलिस सौरी निवासी बाइक चालक रामलखन को पूछताछ के लिए थाना ले आई। पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में जुट गई। मंगलवार को नंदगंज बाजार में एक बस से अपहृत कारोबारी को बरामद कर लिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार की रात में नंदगंज थाना क्षेत्र के सिरगिथा से सराफा कारोबारी गुरुचरण उर्फ करन का स्कार्पियो सवार अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था। कारोबारी के पिता की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ इस संबंध में 171/19 धारा 365 आईपीसी का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अपहृत के विरुद्ध मुंबई में लूट का मुकदमा चल रहा था। पूरी रात मुंबई पुलिस के थानों और क्राइम ब्रांच यूनिटों से जानकारी ली गई। अपहृत के पास अपनी पत्नी का भी मोबाइल था। सर्विलांस के जरिए लगातार मोबाइल का लोकेशन लिया जा रहा था। एक निश्चित पैटर्न मिलने पर सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की चेकिंग कराई गई। इसी दौरान नंदगंज बाजार से एक बस से करन सेठ को बरामद किया गया। कारोबारी दहशत में है। इससे कुछ बता नहीं पा रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है।
शायद गलत आदमी को उठा लिया था अपहरणकर्ताओं ने
नंदगंज। अपहृत सराफा कारोबारी गुरुचरण उर्फ करन के पिता की मानें तो अपहरणकर्ताओं ने करन को स्कार्पियो में बैठाने के बाद उसका मुंह गमछा से बांध दिया था। उसे वाराणसी में स्थित किसी होटल में ले गए थे। वहां पर उसकी जमकर पिटाई कर यह कबूल करा रहे थे कि तुम्हीं हो। इसी बीच किसी का फोन आया तो बात करने वाले एक अपहरणकर्ता ने इधर से जवाब दिया कि काम हो गया है। आदमी को उठा लिया गया है। इस पर शायद उधर से बात करने वाले व्यक्ति द्वारा यह पूछा गया कि जिसको उठाना था, उसी को उठाया है न, कहीं ऐसा तो नहीं किसी और को उठा लिया है। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने उस व्यक्ति का फोटो अपहरणकर्ता को मोबाइल पर भेजा, जिसे उठाना था। जब अपहरणकर्ता ने फोटो देखा तो वह किसी और का था। इसके बाद बदमाश सुबह गमछा से मुंह बांधकर करन को लाए और गाजीपुर जाने वाली बस में यह कहते हुए बैठने को कहा कि रास्ते में कहीं मत उतरना, सीधे गाजीपुर जाना। कोई चालाकी मत करना, हमारे आदमी तुम्हारे पीछे रहेंगे।