गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। होम डिलीवरी बंद होने और बुकिंग की समय सीमा 45 दिन करने से समस्या और बढ़ गई है। जो उपभोक्ता फरवरी के अंतिम सप्ताह में गैस की बुकिंग किए हैं अब उन्हें 45 दिन पूरा होने का इंतजार करने का मेसेज मिल रहा है। ऐसे में 14 से 20 सदस्यों वाले बड़े परिवार 20 से 25 दिन में ही गैस खत्म होने से परेशान हो रहे हैं।
जिले में करीब 779797 रसोई गैस के उपभोक्ता है। इनमें 3.17 लाख उज्जवला के लाभार्थी है। इनमें इंडेन की 39 गैस एजेंसियों से 442885 उपभोक्ता जुड़े हैं, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 16 गैस एजेंसियों से 157685 और भारत पेट्रोलियम की 11 गैस एजेंसियों से 179227 उपभोक्ता जुड़े है।
शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए एजेंसियों की ओर से होम डिलिवरी की व्यवस्था है और पूर्ति विभाग की ओर से इसकी लगातार निगरानी भी की जा रही है, लेकिन देहात क्षेत्रों में होम डिलिवरी की व्यवस्था बेपटरी है। ऊपर से एजेंसी पर जवाब मिलता है कि तय समय पर ही गैस मिलेगी।
बड़े परिवार ले रहे पारंपरिक ईंधन का सहारा
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की समय सीमा 45 दिन किए जाने से हालात और खराब हो गए हैं। बड़े परिवारों में एक सिलिंडर एक महीने भी नहीं चल पाता, 20 से लेकर 25 दिन तक ही सिलिंडर चलता है। जिससे बड़े परिवारों को मजबूरी में पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
22 लोगों का परिवार है। लकड़ी और गोइठा के इस्तेमाल के बावजूद एक सिलिंडर करीब 20 से 22 दिन तक चलता है। - रामाधार यादव, अकैता रानीपुर।
मेरे परिवार में 18 सदस्य हैं। ऐसे में एक सिलिंडर करीब 23 दिन तक चलता है। सरकार द्वारा 45 दिन में बुकिंग की सुविधा से परेशानी हो रही है। - जयराम राम, पृथ्वीपुर।
मेरे परिवार में 14 सदस्य हैं। खाना और चाय सब गैस पर बनने की वजह से एक सिलिंडर 20 दिनों में खत्म हो जाता है। - माला देवी, चकिया
हमारा संयुक्त परिवार है, जिसमें 16 सदस्य हैं। पूरा खाना गैस पर बनने के कारण एक सिलिंडर करीब 22 से 25 दिनों के बीच चलता है। - धर्मशिला यादव, मदारपुर मलिकपुरा।
रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग की व्यवस्था केंद्र सरकार के निर्देश पर तीनों सरकारी कंपनियों की ओर से तय की गई। जिला पूर्ति विभाग सरकार की ओर से तय व्यवस्था का अनुपालन करा रहा है। - अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।