गाजीपुर। नगर निकाय चुनाव जून-जुलाई माह में संभावित है। ऐसे समय में संभावित मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग गंभीर है। हाल में उसने एक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मौसमी बीमारियों केलक्षण, उनकी औषधि तथा प्रयोग की विधि से मतदान कार्मिकों को अवगत कराना आवश्यक होगा। यही नहीं बीमारियों से बचाव संबंधी औषधियों का पैकेट भी उन्हें उपलब्ध कराना होगा।
प्रदेश में नगरीय निकाय केचुनाव जून-जुलाई महीने में संभावित हैं। इसमें लगभग 40 हजार मतदान स्थल बनाये जाएगें। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर चार मतदान कर्मी और लगभग इसी संख्या में पुलिस कर्मी नियुक्त होंगे। यह मतदान कर्मी तहसील से विभिन्न पोलिंग स्टेशनों पर जाएंगे। मतदान कराने के बाद ही वापस आएंगे। मतदान तीन चरणों में पूरे जिले में समाप्त हो जाने के बाद तहसील मुख्यालयों तथा जिला मुख्यालय पर मतगणना का कार्य एक साथ होगा। आयोग का कहना है कि जून-जुलाई माह में गरमी होगी और वर्षा भी हो सकती है। इसलिए ऐसे समय में संभावित मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम केसाथ ही मौसमी बीमारियों केलक्षण, उनकी औषधि तथा प्रयोग की विधि से मतदान कार्मिकों को अवगत कराना आवश्यक होगा। यही नहीं बीमारियों से बचाव संबंधी औषधियों का
गाजीपुर। नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की गतिविधि जोर पकड़ने लगी है। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए 15 मई को मंडलायुक्त के अनुश्रवण कक्ष में बैठक आयोजित की गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिन में 11 से एक बजे तक मंडलायुक्त एवं संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के साथ निर्वाचन संबंधी बैठक करेंगे। इसी क्रम में दिन में एक से दो बजे मंडलायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक के साथ शांति व्यवस्था के संबंध में समीक्षा बैठक करेंगे। बताया गया है कि बैठक में वाराणसी एवं मीरजापुर मंडल के सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक भाग लेंगे।