गाजीपुर। एक तरफ जहां समाज से इंसानियत खत्म होती जा रही है, वहीं महाराजगंज के एक व्यक्ति को पशु-पक्षियों से गजब का लगाव है। वह अपनी परेशानी तो बर्दाश्त कर लेता हैं लेकिन पशु-पक्षियों का नहीं। अपना सब कुछ त्याग कर वह जानवरों और पक्षियों का दुख हरने का काम करता है।
महाराजगंज निवासी सुदर्शन यादव बेजुबानों के लिए भगवान है। उसे जैसे ही यह पता चलता है कि कोई बेजुबान कष्ट में है तो वह उसका दुख हरने उसके पास जा पहुंचता है। करीब चार दिन पहले गांव के सीवान से कुत्तों के झुंड ने एक मोर का पीछा किया। गांव के करीब पहुंचते ही कुत्तों ने मोर को दबोच लिया। कुत्तों ने मोर की पंखियों को दांतों से नोंच डाला जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी दौरान गांव के कुछ लड़कों की नजर कुत्तों पर पड़ गई। उन्होंने लाठी-डंडे से किसी तरह मोर को कुत्तों से मुक्त कराया। मोर के घायल होने की जानकारी जैसे ही सुदर्शन को हुई, वह बेचैन हो गया। वह तुरंत मौके पर पहुंचा और घायल मोर को अपने साथ ले आया और उसकी मरहम पट्टी शुरू कर दिया। वह अपना सारा कामकाज छोड़कर मोर की सेवा में जुटा हुआ है। यही नहीं गांव में भी अगर कोई बेजुबान कष्ट में रहता है तो सुदर्शन उसके पास पहुंचकर इंसानी मरहम लगाने लगता है। बेजुबानों के प्रति उसका यह प्यार देखकर हर कोई सोचने को विवश हो जाता है। मोर की तीमारदारी में जुटे सुदर्शन ने कहा कि अब उसकी स्थिति काफी ठीक हो गई है। उसने वन विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मोर को ले जाने की मांग की है ताकि उसे अच्छी उपचार सुविधा मिल सके।