सुहवल(गाजीपुर)। रेवतीपुर ब्लाक के पकड़ी गांव में कराए गए विकास कार्यों में हुई अनियमितता की शिकायत और खंड विकास अधिकारी द्वारा मामले में कोई रुचि न दिखाने पर तीन दिन पहले ग्रामीणों ने बैठक कर घेराव तथा धरने की चेतावनी दी थी। इस प्रकरण में खंड विकास अधिकारी ने दो सदस्यीय टीम गठित कर गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच का निर्देश दिया। गुरुवार की देर शाम दो सदस्यीय टीम ने गांव पहुंच कर ग्रामीणों का बयान दर्ज करने के साथ विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन शुरू किया। ग्रामीणों की इस समस्या को ‘अमर उजाला’ के पेज नंबर छह पर ‘बीडीओ के खिलाफ हुई लामबंदी’ शीर्षक से 25 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए।
देेेखा जाए तो ग्रामीणों ने बीते 24 अप्रैल को बैठक कर इस मामले में खंड विकास अधिकारी पर पक्षपात और गुमराह करने का आरोप लगाया था। इस पर खंड विकास अधिकारी ने पकड़ी ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों के लिए सहायक विकास अधिकारी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। बीते 26 अप्रैल की शाम विकास कार्यों की जांच करने के लिए टीम पहुंची और क्रमवार विकास कार्यों की जांच की। दो सदस्यीय जांच कमेटी में सहायक विकास अधिकारी पंचायत अशोक पांडेय एवं एडीओ आईएसबी रामराज कुशवाहा तैनात किए गए हैं। टीम ने गांव में लगे वित्तीय वर्ष 2017-18 में सोलर लाइट एवं स्ट्रीट लाइट की जांच के दौरान पाया कि कुछ सोलर लाइट देवस्थान पर लगे हैं और शेष स्ट्रीट लाइट निजी घर के अंदर लगे हुए हैं। यहीं नहीं एक सोलर लाइट दूसरे ग्रामसभा कल्याणपुर में लगी हुई है। ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि गांव के अंदर कभी साफ-सफाई नहीं होती है। इस दौरान नालियां बजबजा रही थीं। सफाई कर्मी नहीं आते हैं तथा जल निकासी की समस्या बनी हुई है। छात्र नेता अनूप राय ने टीम को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में प्राथमिकता के आधार पर पात्रों का नाम नहीं दर्ज है। गांव में 2015 से लेकर 2018 तक एक भी खुली बैठक नहीं कराई गई। बिना बैठक के ही कागजों पर ही योजनाओं की खानापूर्ति कर दी गई। इस संबंध में जांच टीम के अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम सिंह ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जांच में सब साफ हो जाएगा।