गाजीपुर। विभिन्न बोर्डों की 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित हो चुके हैं। अब छात्रों को स्नातक में दाखिले की चिंता सताने लगी है। बहुत से छात्रों ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में दाखिला ले लिया है वहीं विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने का मन बना चुके छात्रों की तरफ से इसके लिए अभी से ही प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके बावजूद हजारों की संख्या में छात्र जिले में स्थित मनचाहे कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं। ऐसे कॉलेजों की संख्या कम होने के साथ ही सीटों की संख्या सीमित होने के कारण इस बार स्नातक में दाखिले के लिए छात्रों के बीच जंग होनी तय है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 81571 छात्र पंजीकृत थे। इनमें 75982 संस्थागत एवं 5589 व्यक्तिगत छात्र थे। इसी तरह सीबीएसई एवं आईसीएसई की परीक्षा में करीब साढ़े तीन हजार परीक्षार्थी थे। सभी बोर्डों की 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा में 89.30 प्रतिशत छात्र जहां उत्तीर्ण हुए वहीं अन्य दो बोर्डों की परीक्षा में भी हजारों की संख्या में छात्रों को सफलता मिली। परीक्षा में कामयाबी पाने से खुश छात्रों को अब स्नातक में प्रवेश की चिंता सताने लगी है। मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में अपना भविष्य संवारने की हसरत रखने वाले कई छात्रों ने परीक्षा के बाद ही बड़े शहरों में स्थित कोचिंग संस्थानों में दाखिला ले लिया जबकि सैकड़ों छात्रों ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साथ अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके बावजूद हजारों की संख्या में ऐसे छात्र हैं, जो जिले विशेषकर शहर में स्थित मनचाहे कालेजों में अध्ययन के इच्छुक हैं। मनमाफिक कालेजों की संख्या कम होने तथा उनमें सीटों की संख्या सीमित होने के कारण उनकी हसरत दिल में ही रह सकती है। वजह उत्तीर्ण छात्रों की तुलना में शहर में स्थित इन कालेजों में सीटें सीमित हैं। हालांकि शासन की ओर से सीटों में वृद्धि की जाती है लेकिन इसके बाद भी इस बार स्नातक में दाखिले को लेकर छात्रों के बीच जबरदस्त जोर आजमाइश होगी।