जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ मौत का आंकड़ा भी साल दर साल बढ़ रहा है। इस वर्ष तो पहले ही माह के चार बड़े हादसे हुए, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई। जबकि छिटपुट सड़क दुर्घटनाओं पर नजर डालें तो यह आंकड़ा 30 के पार है। 85 प्रतिशत हादसे हाईवे पर हुए और मरने वालों में 85 प्रतिशत युवा थे।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से लेकर अब तक 1,392 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 894 लोगों की मौत हुई, जबकि 774 लोग गंभीर रूप से घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें हेलमेट या सीट बेल्ट न लगाने वालों की जान ज्यादा गई। जबकि शेष मौतें तेज रफ्तार चलाने और नियंत्रण खोने के कारण हुए। यातायात निरीक्षक मनीष त्रिपाठी बताते हैं कि शहर की तुलना में हाईवे पर अधिक घटनाएं हो रही हैं। अनुमान के मुताबिक 85 प्रतिशत हादसे हाईवे पर हुए।