औड़िहार(गाजीपुर)। स्ववित्त पोषित बीटीसी प्रबंधक एसोसिएशर्न की बैठक सैदपुर स्थित डायट परिसर में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जांच के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न की निंदा की गई।कहा गया कि बार-बार जांच करने का कोई औचित्य नहीं है।
उपस्थित प्रबंधकों ने एक स्वर से डीएलएड, बीटीसी संस्थानों की जांच के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न और शोषण की निंदा करते हुए इसे कूट रचित साजिश करार दिया। उन्होंने इसे बंद करने की मांग की। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि निदेशक एससीईआरटी की ओर से जारी जांच आदेश में लगाए गए नोडल अधिकारी जांच में जिस तरह का भेदभाव कर रहे हैं उससे बीटीसी संचालकों का उत्पीड़न स्वाभाविक है। उपाध्यक्ष पंकज दुबे ने कहा कि मान्यता देने के दौरान पत्रावली का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर संस्तुति के बाद बार-बार जांच का कोई औचित्य नहीं है। अगर जांच पारदर्शी नहीं होती है तो एसोसिएशन इसका मुखर होकर विरोध करेगी। इससे पहले प्रबंधकों का प्रतिनिधिमंडल डायट के प्रभारी प्राचार्य राकेश कुमार सिंह से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बैठक में विजयबहादुर सिंह यादव, ओमप्रकाश राय, जवाहर यादव, अजयशंकर राय, पप्पू यादव, संजय राय, हिमांशु राय, सत्यप्रकाश यादव, अच्युतानंद पांडेय, उपेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।