गाजीपुर। सांसद आदर्श ग्रामों के कायाकल्प करने के क्रम में अब इन गांवों में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। सांसद निधि से बनने वाले इन केंद्रों में जरूरी सुविधाओं के साथ ही नौनिहालों के लिए खेल-खिलौना और बैठने के लिए कुर्सी-मेज तो रहेंगे ही साथ ही शुद्ध और शीतल पेयजल के लिए वाटर प्यूरीफायर भी उपलब्ध कराया जाएगा। चहारदीवारी से घिरे इस केंद्र की दीवारों को आकर्षक रंग-रोगन कर परिसर में फुलवारी की व्यवस्था भी की जाएगी। केंद्रों के निर्माण के लिए संबंधित छह ग्रामों में जगह चिन्हित कर ली गई है।
सांसद आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ कुछ वर्ष पहले किया गया था। इसके तहत सांसदों की ओर से गांव को गोद लिया गया है। इस योजना का उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को उन्नत बुनियादी सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसमें समग्र विकास का दृष्टिकोण अपनाया गया है। योजना के अंतर्गत जिले में छह गांव दुल्लहपुर शंकरसिंह, देवा, नायकडीह, जमुआंव, डेढ़गांवा एवं करहिया चयनित हैं। सांसदों की ओर से चयनित इन आदर्श ग्रामों को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं से संतृप्त किया जाना है। इसके लिए विभाग चयनित गांवों में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराने जा रहा है। 12 सौ स्क्वायर मीटर में 15 लाख रुपये की लागत से पूर्ण सुविधाओं से सुसज्जित केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध होने वाली जरूरी सुविधाएं तो इसमें रहेंगी नौनिहालों के लिए खेल और खिलौनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शुद्ध एवं शीतल पेयजल के लिए वाटर प्यूरीफायर, बर्तन, बैठने के लिए चटाई, छोटे बच्चों के लिए कुर्सी-मेज, केंद्र की दीवारों पर आकर्षक रंग-रोगन के साथ ही चहारदीवारी का निर्माण करा कर परिसर में शानदार फुलवारी लगाई जाएगी। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए संबंधित गांवों में जगह चिन्हित कर ली गई है।
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आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण सांसद निधि से कराया जाना है। केंद्र के निर्माण के लिए चयनित आदर्श ग्रामों में जगह चिन्हित कर ली गई है। धनराशि मिलते ही कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अमरनाथ मौर्य
जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिले में 4118 आंगनबाड़ी केंद्र
गाजीपुर। जिले में वर्तमान समय में 4118 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को टेक होम राशन के तहत पोषाहार दिया जाता है। तीन से छह वर्ष के बच्चों को पोषाहार और स्कूल पूर्व शिक्षा दी जाती है। यही नहीं गर्भवती धात्री को माह की 5, 15 एवं 25 तारीख को टेक होम राशन दिया जाता है। 4118 में 539 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
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सबसे ज्यादा केंद्र सैदपुर विकासखंड में
गाजीपुर। जिले में सबसे ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र सैदपुर विकासखंड में हैं जबकि नगर क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे कम है। नगर क्षेत्र में 123, सदर ब्लॉक 239, बिरनो 204, मरदह 212, सैदपुर 312, सादात 306, मुहम्मदाबाद 282 तथा देवकली विकासखंड में 240 केंद्र हैं। इसके अलावा मनिहारी में 266, बाराचवर 234, रेवतीपुर 203, जमानिया 300, जखनिया 254, करंडा 168, भदौरा 259, भांवरकोल 221 तथा कासिमाबाद ब्लॉक में 295 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।