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Ghazipur News: गाजे-बाजे के साथ हुआ 68 प्रतिमाओं का विसर्जन

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शहर के स्टीमर घाट से दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए लेकर जाते श्रद्धालु। संवाद
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गाजीपुर। दुर्गा प्रतिमाओं की विसर्जन का सिलसिला बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शाम तक शहर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए विसर्जन स्थलों पर 68 प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे के साथ किया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अधर्म पर धर्म की विजय की प्रतिक दशहरा पर्व मंगलवार को उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही नौ दिनों से चली आ रही दुर्गा पूजा का भी समापन हो गया। दशमी पर शाम से ही दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो गया। विभिन्न पूजा समितियों की ओर से धूमधाम के साथ देवी की प्रतिमाओं के विसर्जन का जूलुस निकाला गया। ट्रक और अन्य बड़े चार पहिया वाहनों में माता रानी की प्रतिमा के साथ ही अन्य देवी- देवताओं की प्रतिमाओं को लेकर निकाले गए जूलुस में शामिल समिति के कार्यकर्ता अबीर गुलाल उड़ाते और नाचते गाते चल रहे थे। डीजे पर बजते दैवी गीतों पर उनके थिरकने का उत्साह देखते ही बन रहा था। बीच- बीच में भक्त शेरवाली के जयकारे भी लगाते चल रहे थे।
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प्रत्येक प्रतिमा के साथ सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। निर्धारित रास्तों से होते हुए जूलुस संबंधित विसर्जन स्थलों पर पहुंचा। नगर के रजागंज स्थित अस्थायी तालाब में दुर्गा प्रतिमाओं का विजसर्जन हुआ। एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि जनपद में 474 प्रतिमाओं में से बुधवार की शाम तक 68 प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
करीमुद्दीनपुर: स्थानीय बाजार सहित क्षेत्र में मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन देर शाम तक किया गया। सैदपुर : नगर के 22 स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाएं शाम को गाजे बाजे के साथ जौहरगंज स्थित पंप कैनाल में जयकारे के साथ विसर्जित की गईं। जखनिया: श्रद्धा और भक्ति के साथ परम्परागत ढंग से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन रामसिंह पुर के पास मंगई नदी में किया गया।
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