जिले के 801 बेसिक विद्यालयों में समर कैंप चल रहा है। 10 जून तक चलने वाले कैंप में बच्चों को पोषक तत्व भरपूर आहार दिया जाएगा। समर कैंप पर 64 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। विद्यालयों को दो हजार की दर से 16 लाख और 56685 बच्चों को पूरक पोषण आहार के लिए 48 लाख 18 हजार की धनराशि दी गई है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर शुरु की गई है। समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गर्मियों के अवकाश में सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण प्रदान कर उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक कौशल का विकास करना है।
यह रोजाना सुबह 7 से 10 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान योग, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां, डिजिटल कौशल, पर्यावरण संरक्षण और विज्ञान आधारित प्रयोग जैसे रोचक कार्यक्रम स्कूलों में आयोजित किए जा रहे हैं। कैंप के लिए तीन सप्ताह की सुझावात्मक गतिविधियों की योजना बनाई गई है।
प्रत्येक गतिविधि बच्चों की आयु और रुचि के अनुसार डिजाइन की गई है ताकि सभी को समान अवसर मिले। बुधवार से पहली बार आयोजित समर कैंप में बच्चों को पूरक पोषण आहार दिया जाएगा। इसके तहत उन्हें मौसमी फल खीरा, बिस्कुट, मूंगफली आदि उपलब्ध कराया जाएगा।
17 दिन चलने वाले इस कैंप में 56685 बच्चों को पांच रुपये की दर से यह आहार उपलब्ध कराने के लिए 48 लाख 18 हजार 225 रुपये की धनराशि मिली है जबकि 16 लाख 2 हजार कैंप में विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए दी गई है। 760 शिक्षामित्र और 500 वालंटियर कैंप के संचालन के लिए लगाए गए हैं।