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लेखपाल संघ ने 11 सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा

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सैदपुर। एंटी भू-माफिया मामले में भूमि की पैमाइश आदि करने को लेकर लेखपाल भयभीत हैं। इसके पीछे कई जिलों में लेखपालों की हत्या होना कारण है। उक्त मुद्दा सहित अन्य मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की स्थानीय इकाई की बैठक मंगलवार को तहसील सभागार में हुई। तहसील अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने मुख्यमंत्री को प्रेषित 11 सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी सत्यम मिश्र को सौंपा। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचाया जाएगा।
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तहसील अध्यक्ष ने कहा कि शासन एवं राजस्व परिषद द्वारा एंटी भू-माफिया, सीमा द्योतक चिन्हों की कोडिंग, कृषक ऋणमोचन, वरासत अभियान, अंश निर्धारण आदि समयबद्ध कार्य एक ही अवधि में लेखपालों को सौंप दिया गया है। कार्य कर रहे लेखपालों से किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर उन्हें अधिकारियों का कोपभाजन बनना पड़ता है। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन केवल कागजों पर कर दिया गया है। धरातल पर लेखपालों से ही सारा कार्य कराया जाता है। उन्हें ही क्षेत्र में जाकर सीमांकन करना पड़ता है। इसका उदाहरण चंदौली, आजमगढ़, आगरा आदि जिलों में लेखपालों की हत्याएं कर दी गईं। अब तक हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रक के माध्यम से की गई मांगों को बताते हुए उन्होंने कहा कि लेखपालों के हत्यारों को सजा दिलवाई जाए। लेखपालों के परिवार जनों को सभी देयों का भुगतान, पारिवारिक पेंशन एवं मृतक आश्रित नियुक्ति भी तत्काल दी जाए। मृत लेखपालों के परिवारों को 20-20 लाख रुपए आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि लेखपालों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में मो. शाहिद, सुधाकर पांडेय, रमेशचंद्र, रमेश सोनकर, ऋषिकेश राम, राजेंद्र यादव, रमेश कुमार, राधा, ज्योति शर्मा, रीता, प्रिया श्रीवास्तव अनिल भारती, अजित सिंह आदि उपस्थित थे।
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