दुर्गा पूजा का त्यौहार एक अक्तूबर से शुरू होकर विजयादशमी तक चलेगा। पूजा समितियों के लोग भव्य पंडाल निर्माण की तैयारियों में लगे हुए है। पूजा पंडाल से जुड़े लोगों ने मूर्तिकारों के यहां प्रतिमाओं की बुकिंग भी करा ली है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 391 स्थानों पर छोटे-बड़े पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जनपद में 25 से अधिक पूजा पंडाल संवेदनशील है। इस वर्ष किसी नए स्थान पर पूजा पांडाल नहीं बनाया गया है और न ही पूजा आरंभ की गई है। पुलिस-प्रशासन पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी में जुट गया है। त्यौहार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की तैयारी चल रही है।
दशहरा का पर्व जनपद में पूरी भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाता है। नवरात्र में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पांडाल बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर आराधना की जाती है। जिले के नंदगंज सहित कुछ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में नवरात्र के पहले दिन से ही प्रतिमा स्थापित कर पूजा-पाठ शुरू कर दी जाती है। जो नौ दिनों तक लगातार चलती रहती है है। जबकि अधिकांश पूजा पंडालों में सप्तमी के दिन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा व उनके दर्शन-पूजन कर काम शुरू कर दिया जाता है।
जबकि पंडालों में कलश स्थापना नवरात्र के पहले ही दिन कर दिया जाता है। विजयादशमी के दिन प्रतिमाओं का ढोल-नगाड़ा के साथ विसर्जन किया जाता है। इसकी तैयारी में पूजा समितियों के लोग भव्य पंडालों के निर्माण कार्य में लगे हुए है। एलआईयू की माने तो जिले में करीब 25 से अधिक पूजा पंडाल संवेदनशील हैं। सभी पंडालों में बिजली, पानी की आपूर्ति तथा सड़कों को दुरुस्त कराने का काम चल रहा है।