गाजीपुर। ठंड को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जनपद में कुल 240 स्थानों पर अलाव जलेंगे। इस पर 3.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अलाव व रैन बसेरे के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयारी कर ली गई है। जनपद में सात तहसीलें हैं। सभी तहसीलों को अलाव जलवाने के लिए 50-50 हजार रुपये की धनराशि जिला प्रशासन की ओर से भेज दी गई है।
ठंड व गलन के मौसम में अलाव व रैन बसेरा यात्रियों को राहत पहुंचाते हैं। इसलिए जिले में 18 स्थानों पर रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है। अभी गलन शुरू नहीं होने के कारण रैन बसेरों में ठहरने वालों की संख्या कम है। बीते एक दिसंबर से सभी रैन बसेरों को क्रियाशील कर दिया गया है।
रैन बसेरा नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में उन स्थानों पर बनाया गया है, जहां राहगीरों व यात्रियों की आवागमन अधिक है। इसलिए ऐसे सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित किया गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि ठंड व गलन बढ़ने के साथ ही अलाव जलना शुरू हो जाएंगे।
एडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि अलाव जलवाने को लेकर तहसीलों को धनराशि भेज दी गई है। जिले में अलाव व रैन बसेरे की व्यवस्था रहेगी।
सबसे अधिक शहरी क्षेत्र में जलेंगे अलाव
गाजीपुर। जिले में कुल 240 स्थानों पर अलाव जलवाने का निर्णय लिया गया है। इसमें सबसे अधिक संख्या शहरी क्षेत्र की है। नगर में 160 स्थानों पर अलाव जलेंगे। इनमें प्रमुख रूप से विशेश्वरगंज चौराहा, सिटी रेलवे स्टेशन, रोडवेज, चीतनाथ, लंका आदि महत्वपूर्ण स्थान हैं। इन स्थानों पर राहगीरों का आवागमन अधिक रहता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के 80 स्थानों पर अलाव जलेंगे। इनमें यात्रियों, राहगीरों के आवागमन वाले सार्वजनिक स्थानों को प्रमुखता दी जाएगी।
प्रमुख स्थानों पर रैन बसेरे की स्थिति
गाजीपुर। नगर के आरटीआई चौराहा, मेडिकल अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सिटी रेलवे स्टेशन परिसर, रोडवेज आदि स्थानों पर रैन बसेरे का संचालन होगा। इनमें से आरटीआई चौराहा व सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में रैन बसेरा क्रियाशील हो गया है। शेष स्थानों पर जल्द ही रैन बसेरो को क्रियाशील करने का दावा किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जमानिया तहसील परिसर, जमानिया स्थित बालिका इंटर कॉलेज तिराहा, मुहम्मदाबाद तहसील परिसर, मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद कार्यालय में रैन बसेरा संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
80 से 90 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
गाजीपुर। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोग मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। खांसी, सर्दी-जुकाम, बुखार, बदन दर्द आदि मरीजों की संख्या मेडिकल अस्पताल में बढ़ी है। प्रतिदिन 80 से 90 मरीज मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए। सर्दी-खांसी आदि मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े हैं।