उप संभागीय परिवहन कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही के चलते वाहनों की पहचान गुम होती दिख रही है। पुराने वाहनों की फाइलों को कार्यालय के एक कोने में बोरे में भरकर फेंक दिया गया है। कूड़े के ढेर में धूल फांक रही इन फाइलों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
गाजीपुर-मऊ मार्ग पर चल रहे एआरटीओ कार्यालय को गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर स्थित महाराजगंज के पास नए भवन में करीब तीन-चार माह पहले स्थानांतरित किया गया था। स्थानांतरण के बाद वाहनों की सभी पुरानी फाइलों को जस का तस पुराने भवन पर ही छोड़ दिया गया था। जब वाहन संचालक वाहनों के स्थानांतरण और नवीनीकरण के लिए चक्कर लगाने लगे तब पुरानी फाइलों को बोरों में भरकर नए भवन में लाया गया। इसके बाद सभी फाइलों को परिसर के एक कोने में जस का तस बोरे सहित फेंक दिया गया। फाइलों की संख्या ज्यादा होने के चलते आए दिन वाहन संचालकों को अपनी वाहन की फाइल खोजने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। खासकर ऐसे वाहन संचालकों को रोजाना विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा जिन्हें नवीनीकरण कराना हो अथवा वाहन बेचना हो। इसी तरह पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। अभी भी जिले के अधिकांश लोगों के पास पुरानी पद्धति का ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद है। पुराने लाइसेंसों की समय सीमा समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण करने के लिए खुद ही लाइसेंस धारकों को अपनी फाइल खोजनी पड़ रही है लेकिन इन फाइलों की ढेर गुम हो चुकी फाइलों की तलाश पूरी नहीं हो पा रही है।
कम कर्मचारियों से उठानी पड़ रही दिक्कत
गाजीपुर। कर्मचारियों की संख्या कार्यालय में कम होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी काम के लिए लोगों को कार्यालय खुलने के बाद लाइन में लगना पड़ रहा है। इसके चलते उनका पूरा दिन चला जा रहा है। लाइसेंस बनवाने से लेकर पंजीकरण तक के कार्य लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
गायब हुई निर्धारित शुल्क की सूची
गाजीपुर। एआरटीओ कार्यालय से शासन की ओर से निर्धारित शुल्क की सूची नदारद हो चुकी है। इसके चलते अंजान लोगों को निर्धारित शुल्क की जानकारी नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन के लाख निर्देश के बाद भी नए भवन परिसर में शुल्क की सूची भी नहीं लगाई गई है।
शासन के निर्देश के बाद फाइलों को हटाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही पुरानी फाइलों को ऑनलाइन करने का भी कार्य किया जाएगा। - विनय कुमार, एआरटीओ गाजीपुर।