दुबिहा (गाजीपुर)। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि भारत किसानों और मजदूरों का देश है। अनादि काल से हमारे देश की व्यवस्था खेती के सहयोग से चली आ रही है। भारत के नगर तो महानगर बन गए लेकिन गांव की स्थिति में व्यापक परिवर्तन नहीं हुआ। कहा कि देश की तरक्की तभी होगी जब किसान और मजदूर खुशहाल होगा। देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए किसानों के घरों में समृद्धि लानी होगी।
स्थानीय श्री खड़ेश्वरी बाबा रामलीला मंच के परिसर में सोमवार को आयोजित ‘किसान-मजदूर के विकास से भारत उत्थान’ विषयक व्याख्यान के मुख्य अतिथि युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की भारत की अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित अर्थ व्यवस्था है। हिंदुस्तान में खेती-बेटी की बड़ी प्रतिष्ठा है। कहा की दुर्भाग्य है कि अन्न पैदा करने वाला आज भूख से मर रहा है। जूता बनाने वाले के पैर में चप्पल नहीं है और मजदूर के पास घर नहीं है। देश में राजनीति चरम पर है लेकिन राष्ट्र उत्थान के लिए कोई भी नेता आगे नहीं आ रहा है। श्री सिंह ने कहा की 1952 के चुनाव में भी रोटी, कपड़ा और मकान मुद्दा था और 2019 के चुनाव में भी यही मुद्दा है। लोकतंत्र में राजतंत्र हावी हो गया है। गांव में रहने वाले लोगों की सत्ता में भागीदारी घट गई है जिस कारण से किसानों-मजदूरों की कोई सुधि नहीं ले रहा है। युवा चेतना प्रमुख ने कहा की जब तक देश के किसानों की थाली में छप्पन भोग नहीं होगा तब तक देश को समृद्ध नहीं माना जा सकता है। इससे पूर्व व्याख्यान का उद्घाटन स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। व्याख्यान को रघुपति सिंह, मुन्ना राय, अभिराम त्रिपाठी, औसाफ उर्फ चांद, अजीत मिश्रा, चंद्रप्रकाश सिंह, सुनील पांडेय, रामबाबू सिंह, विवेकानंद राय आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में रामसागर यादव, कृष्णानंद राय, जनार्दन राय, उदय नारायण राय, विश्राम यादव, पप्पू महंत, जितेंद्र राय, आशुतोष राय, राजदेव यादव, अनिल राय, मोहन राय आदि उपस्थित थे।
दुबिहा। कार्यक्रम के आयोजक जितेंद्र राय मोहन और कृष्णानंद राय ने स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी तथा युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित सिह को अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर जनार्दन राय, दशरथ राय, सुरेश राय, अशोक पांडेय, रघुपति सिंह, अभिराम त्रिपाठी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत राय तथा संचालन राजदेव यादव ने किया।