फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: 12 गांवाें की 20 हजार आबादी इलाज के लिए कर रही बिहार और दूसरे जिले का रूख

विज्ञापन
सीएचसी सैदपुर। संवाद
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले के तीन तहसीलों के करीब 12 से अधिक गांवों के मरीज उपचार के लिए गैर प्रांत बिहार जनपदों की और रूख कर रहे हैं। करीब 45 किमी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बजाए करीब 12 से 15 किमी पर बिहार, मऊ, आजमगढ़ और वाराणसी का चयन कर रहे हैं। स्थिति यह है कि करीब 20 हजार आबादी दूरी व बेहतर इलाज की चाह में गैर जिलों के अस्पतालों में भर्ती होने को विवश हैं।
विज्ञापन

जबकि ब्लाॅक व तहसील स्तर पर सीएचसी, न्यू पीएचसी और पांच हजार आबादी पर स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं, बावजूद गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए रवाना हो रहे हैं। सेवराई तहसील की बात करें तो गहमर, बारा सायर, भतौरा, हरकरनापुर, रायसेनपुर, पथरा आदि गांव के मरीज 35 से 40 किमी पर जबतक मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे, तबतक 10 से 15 किमी की दूरी तय कर बक्सर पहुंच जाएंगे। भतौरा ने संजय ठाकुर ने बताया कि सबसे बड़ी बात तो यह है इन गांवों के ग्रामीणों के उपचार के लिए बारा व गहमर में न्यू पीएचसी और भदौरा में सीएचसी है, लेकिन यहां उपचार की स्थिति बेपटरी है। हरकरनापुर के अनिल यादव ने बताया कि यहां से भी मरीजों को रेफर ही कर दिया जाता है।
मरदह क्षेत्र के नोनरा, पंडिता, ढोढसर, कोदई, सिंगेरा, बेलसड़ी, गेहूड़ी, कैथवली, हैदरगंज और मटेहूं सहित अन्य गांवों के लोग उपचार के मऊ चले जाते हैं।
वजह इन इलाकों से मऊ की दूरी करीब 15 किमी के आसपास है। मरदह निवासी संदीप ने बताया कि सीएचसी पर सिर्फ सामान्य बीमारियों का ही उपचार होता है। गंभीर बीमारी व सड़क दुर्घटना में घायलों को रेफर कर दिया जाता है। दुल्लहपुर के जलालाबाद निवासी मकसूदन पांडेय ने बताया कि जलालाबाद, हरदासपुर कला, रामपुर, बहलोलपुर और धनेशपुर गांव के लोगों को मऊ के तरफ रख करना पड़ता है। इन क्षेत्रों के लिए धर्मागतपुर पीएचसी है, लेकिन उसकी स्थिति खराब है। झोटना के विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जबतक मरीज को लेकर 40 से 45 किमी दूर जाएंगे, तब तक मऊ पहुंचकर उपचार मिलने लगेगा।
विज्ञापन

यहीं नहीं जखनिया सीएचसी पर बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। सैदपुर के तेतारपुर निवासी राजेंद्र यादव, अविनाश चौबे और अवतार सिंह ने बताया कि गौरी, सिधौना, गौरहट, गोरखा और बहुअरा गांव के लोगों को उपचार के लिए वाराणसी जाना पड़ता है। वजह सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से भी वाराणसी अथवा मेडिकल कॉलेज गाजीपुर ही रेफर कर दिया जाता है। यहीं नहीं सादात, बहरियाबाद सहित अन्य इलाके जो गैर जनपदों के बार्डरों पर बसे हैं, उन्हें उपचार के लिए उन जनपदों की ओर ही रूख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें