करंडा (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के सबुआ गांव में दो दिन पूर्व बदमाशों द्वारा महिला पर फायर करने के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन करने के साथ आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है। करीब 12 दिनों तक शांत रहने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर गोली चलने से लोगों में काफी दहशत व्याप्त है। पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते पूरा क्षेत्र अपराधियों की मकड़जाल में फंसता जा रहा है।
सबुआ गांव में बीते दो नवंबर की रात तड़तड़ाई गोली की घटना से ठीक 12 दिन पूर्व बीते 21 अक्तूबर को दो किलोमीटर दूर स्थित ब्राह्मणपुरा गांव की चट्टी पर दिनदहाड़े आरएसएस कार्यकर्ता-पत्रकार की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस की सक्रियता इस क्षेत्र में काफी बढ़ गई। इसके बावजूद भी पुलिस के नाक के निचे क्षेत्र में मौजूद हौसलाबुलंद अपराधी घटना को अंजाम देने में तनिक भी गुरेज नहीं कर रहे है। शातिर अपराधियों की मकड़जाल में फंसे इस क्षेत्र के लोगों में दहशत के साथ पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खासा आक्रोश है। मालूम हो कि सबुआ गांव का हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह अपने दो साथियों के साथ बीते दो नवंबर की देर रात किसान अंगद सिंह की पत्नी शीशम सिंह को जान से मारने के नियत से फायर कर दिया था। संयोग रहा कि महिला इस घटना में बाल-बाल बच गई। पीड़िता ने इस मामले में हिस्ट्रीशीटर सहित दो अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज छानबीन शुरू कर दी। इस संबंध में सीओ हृदयानंद सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है।