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बीएसए ने प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षकों का रोका वेतन

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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की मनमानी और पढ़ाई के गिरते स्तर में सुधार लाने के लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने रेवतीपुर ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों की जांच की। इस दौरान उन्होंने लापरवाह प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। दूसरी तरफ देवकली ब्लाक विद्यालय का खंड शिक्षाधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान समय से विद्यालय नहीं आने वाले शिक्षक और प्रधानाध्यापक की क्लास लगाते हुए जल्द सुधार लाने की चेतावनी भी दी। इन तमाम निरीक्षण के बावजूद भी सरकारी विद्यालयों के स्थिति काफी खराब है।
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सुहवल संवाददाता के अनुुसार बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार ने रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की जानकारी होते ही शिक्षकों में अफरातफरी मच गई। बेसिक शिक्षाधिकारी ने सुहवल प्राथमिक विद्यालय प्रथम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें सब कुछ ठीक मिला। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय पश्चिमी पर पहुंचे। वहां गंदगी देख भड़क गए। शौचालयों और पेयजल की स्थिति खराब होने पर तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया। कार्यकाल के सभी अभिलेखों का गहनता पूर्वक निरीक्षण किया। इसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय रमवल पहुंचकर निरीक्षण किया। यहां शिक्षकों को समय से उपस्थित होने का निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय पटखौलियां के बाद प्राथमिक विद्यालय असांव और पूर्व माध्यमिक विद्यालय असांव एवं अवती का निरीक्षण किया। इसके बाद मेदनीपुर, कालूपुर, सोनवल, बहलोलपुर, ताड़ीघाट, हरिश्चंद्रपुर आदि अन्य विद्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया। इस संबंध में बीएसए श्रवण कुमार ने बताया कि कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। देवकली संवाददाता के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह यादव ने प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर पचरासी पहुंचे। इस दौरान विद्यालय पर अध्यापक मौजूद नहीं थे और विद्यालय बंद मिला। खंड शिक्षाधिकारी ने बच्चों को खड़ाकर स्वयं प्रार्थना कराया। अध्यापकों के आने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा की विद्यालय समय से खोलकर पठन-पाठन शासन के मंशा के अनुरूप होना चाहिए।
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