मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। अतिपिछड़ा अतिदलित महासंघ के तत्वाधान में गुरुवार को शहीद पार्क में बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इसके साथ ही अति पिछड़ा अति दलित महापंचायत का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने अति पिछड़ा एवं अति दलितों को अलग से आरक्षण दिए जाने की मांग की।
अति पिछड़ा अति दलित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमनाथ गुप्ता ने कहा कि बिरसा मुंडा ने भारत में समता मूलक समाज की परिकल्पना की थी। आज भी उनके सपनों का भारत नहीं बन पाया। उन्होंने अपने जीवन में दो तरफा संघर्ष किया। वह एक तरफ अंग्रेजों के शासन से भारत को मुक्ति दिलाना चाहते थे, वहीं दूसरी तरफ देश के अंदर जमींदारों एवं सामंतों से भी लड़ाई लड़ रहे थे। बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के अति पिछड़ों एवं अति दलितों को बिना अलग से आरक्षण दिए समता मूलक समाज की परिकल्पना बेमानी होगी। जिला उपाध्यक्ष संतोष राजभर ने कहा कि इस समाज के लोगों ने आजादी के आंदोलन के साथ-साथ इस देश को महान बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। आजादी के 70 वर्ष बाद भी यह समाज आज भी हाशिए पर खड़ा है। इस समाज के साथ अब तक जितनी भी सरकारें आई सभी ने इनके साथ ईमानदारी नहीं बरती। आज भी मुसहर, डोम, बांसफोर, थारू, वंटागियां आदि का जीवन जल,जंगल और जमीन पर ही निर्भर है। इनको विकास के नाम पर आए दिन बेदखल किया जाता है। महापंचायत में छह प्रस्ताव पास किए गए। जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर अति पिछड़ा वर्ग एवं महादलित आयोग का गठन किया जाए, उत्तर प्रदेश में छेदी लाल आयोग की रिपोर्ट लागू किया जाए, मुसहर, डोम, बांसफोर, थारू, वंटागियां आदि जातियों को अनुुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं जैसे वृद्धा, विधवा, विकलांग, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, आयुष्मान योजना आदि में वरीयता दी जाए, अति पिछड़ा अति दलित को पंचायत से लेकर लोकसभा तक में आरक्षण दिया जाए, मुसहर, डोम, बांसफोर, थारू, वंटागियां आदि को पुलिस उत्पीड़न से बचाया जाए। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश वर्मा, नगर अध्यक्ष रामजी गिरी, डा. संजय गुप्ता, अमित चौरसिया, राममूर्ति बांसफोर, चंदन रावत, बृजराज राजभर, मदन राम, सीताराम राजभर, परमेश्वर कुशवाहा, रवि बनवासी आदि ने विचार प्रकट किया। अध्यक्षता परमेश्वर कुशवाहा एवं संचालन रवि बनवासी ने किया। राकेश मद्धेशिया ने आभार प्रकट किया।