गाजीपुर। सरकार कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को उच्चीकृत करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में संचालित 197 आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की प्रवेश क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत जिले के पांच केजीबीवी का चयन कर उन्हें उच्चीकृत किया जाएगा। विद्यालयों को उच्चीकृत करने के लिए शासन की ओर से सूचना मांगी गई है। कुछ विकास खंडों से जिलास्तर पर सूचना उपलब्ध कराई गई है।
बालिका शिक्षा की स्थिति सुधारने एवं बालिकाओं को गुणवत्तापरक प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी एक है। सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम के तहत शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े उन विकास खंडों में ये आवासीय बालिका विद्यालय खोले गए हैं जहां पर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महिलाओं की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत दर से कम और जेंडर गैप राष्ट्रीय औसत दर से अधिक था। इसके अलावा जिस ब्लाक में पांच प्रतिशत अनुसूचित जाति-जनजाति की आबादी और उनकी महिला साक्षरता दर दस प्रतिशत से कम थी उन ब्लाकों में ये आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। जिले में करंडा और भदौरा विकासखंड को छोड़कर शेष चौदह ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना की गई है। सरकार इन विद्यालयों में छात्राओं की प्रवेश क्षमता सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ करने जा रही है। 50 अतिरिक्त बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के लिए विद्यालय के भवनों का विस्तार-उच्चीकरण किए जाने के लिए भूमि की उपलब्धता के संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा निर्धारित मानक जैसे भूमि समतल हो तथा बालिकाओं की सुरक्षा की दृष्टि से केजीबीवी भवन निर्माण के लिए उपयुक्त हो निर्धारित करते हुए सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रदेश के 197 केजीबीवी के साथ ही जिले में पांच विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाएगा।
बीबी पांडेय, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की ओर से सभी खंड शिक्षाधिकारियों से केजीबीवी को उच्चीकृत करने के लिए भूमि की उपलब्धता के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद उसे शासन को भेज दिया जाएगा।